दिल्ली में बन रहा देश का पहला हाईटेक 'एंटी-टेरर' हेडक्वार्टर, बम और IED का भी नहीं होगा असर, जानिए किन सुविधाओं से होगा लैस

राजधानी दिल्ली को जल्द ही देश का पहला हाईटेक आतंकरोधी मुख्यालय मिलने जा रहा है. 350 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा यह भवन‘ब्लास्ट-प्रूफ’ इंटीग्रेटेड एंटी-टेरर सुविधाओं से लैस होगा, जो हवाई हमलों से बचाव में भी सक्षम होगा.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
देश का पहला हाईटेक 'एंटी-टेरर' हेडक्वार्टर
file photo

देश की राजधानी दिल्ली जल्द ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक नई ताकत हासिल करने जा रही है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के लिए लोधी कॉलोनी में एक अत्याधुनिक, ब्लास्ट-प्रूफ और हाईटेक एंटी-टेरर मुख्यालय बनाया जा रहा है. यह मुख्यालय सिर्फ एक दफ्तर नहीं होगा, बल्कि आतंकवाद, गैंगस्टर नेटवर्क, साइबर अपराध, नार्को-टेरर मॉड्यूल और अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ कार्रवाई का एकीकृत कमांड सेंटर बनेगा. इस परियोजना को दिल्ली पुलिस के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है.

368 करोड़ रुपये से बनेगा नया मुख्यालय

सूत्रों के अनुसार, इस बहुमंजिला भवन के निर्माण पर करीब 368 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. कई सालों से प्रस्तावित इस परियोजना को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसके पूरा होने के बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. वर्तमान में स्पेशल सेल की कई यूनिट्स दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से संचालित होती हैं, लेकिन नए मुख्यालय के बनने के बाद सभी प्रमुख यूनिट एक ही परिसर में काम करेंगी.

ब्लास्ट-प्रूफ होगी पूरी इमारत

आतंकी हमले, कार बम, आईईडी विस्फोट या आत्मघाती हमलों का कम असर होगा

इस मुख्यालय की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा होगी. भवन को विशेष ब्लास्ट-रेजिस्टेंट तकनीक से तैयार किया जा रहा है, ताकि किसी भी आतंकी हमले, कार बम, आईईडी विस्फोट या आत्मघाती हमले की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके. इमारत के बाहरी हिस्से, दीवारों, खिड़कियों और प्रवेश द्वारों को विशेष सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आज के दौर में आतंकवादी संगठन और संगठित अपराधी सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं. ऐसे में यह मुख्यालय खुद भी एक सुरक्षित किले की तरह काम करेगा.

एक छत के नीचे आएंगी स्पेशल सेल की सभी महत्वपूर्ण यूनिट

नए मुख्यालय में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की कई महत्वपूर्ण शाखाओं को एक साथ लाया जाएगा. इनमें काउंटर टेररिज्म यूनिट, काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT), स्वाट (SWAT) कमांडो यूनिट, सिटी सस्पेक्ट सर्विलांस यूनिट, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) और मुख्यालय शाखा शामिल होंगी. अभी तक ये यूनिट्स अलग-अलग स्थानों से काम करती हैं, जिससे कई बार सूचनाओं के आदान-प्रदान और ऑपरेशन के दौरान कॉर्डिनेशन में समय लगता है. नए मुख्यालय के बनने के बाद रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग और ज्वाइंट ऑपरेशन काफी तेज हो जाएंगे.

Advertisement

बनेगा हाईटेक वॉर रूम

मुख्यालय में अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और हाईटेक वॉर रूम बनाया जाएगा. यहां बड़े डिजिटल स्क्रीन, लाइव सर्विलांस सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स प्लेटफार्म और रियल टाइम मॉनिटरिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी. किसी आतंकी घटना, बंधक संकट, वीआईपी सुरक्षा खतरे या बड़े सुरक्षा ऑपरेशन के दौरान वरिष्ठ अधिकारी इसी वार रूम से पूरे ऑपरेशन की निगरानी और नियंत्रण कर सकेंगे. यहां कई सुरक्षा एजेंसियों से आने वाली सूचनाओं का तत्काल विश्लेषण भी किया जाएगा.

साइबर अपराध से निपटने के लिए आधुनिक फॉरेंसिक लैब

आतंकवाद का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. अब आतंकी संगठन और अपराधी इंटरनेट, सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और डार्क वेब का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यालय में आधुनिक साइबर फॉरेंसिक लैब स्थापित की जाएगी. यह लैब मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, सर्वर और डिजिटल उपकरणों से प्राप्त डेटा की जांच करेगी. साइबर हमलों, ऑनलाइन कट्टरपंथ, फर्जी पहचान, डिजिटल फंडिंग और एन्क्रिप्टेड संचार की जांच में यह सुविधा बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी.

Advertisement
कमांडो ट्रेनिंग के लिए आधुनिक फायरिंग रेंज
इनडोर फायरिंग रेंज और टेक्निकल ट्रेनिंग सुविधाएं होंगी

मुख्यालय परिसर में अत्याधुनिक इनडोर फायरिंग रेंज और टेक्निकल ट्रेनिंग सुविधाएं भी बनाई जाएंगी. यहां स्पेशल सेल और स्वाट कमांडो यूनिट के जवानों को शहरी आतंकवाद, बंधक मुक्ति अभियान, क्लोज क्वार्टर बैटल और विशेष हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे जवानों को अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेने की जरूरत कम होगी और प्रशिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी. 

ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी रहेगी नजर

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल केवल आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच नहीं करती, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट, गैंगस्टर नेटवर्क, हवाला रैकेट, फर्जी भारतीय मुद्रा, हथियार तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की भी जांच करती है. हाल के सालों में पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के बीच बढ़ते गठजोड़ को देखते हुए इस मुख्यालय की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी. यहां उपलब्ध तकनीक के जरिए वित्तीय लेन-देन, डिजिटल कम्युनिकेशन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की निगरानी आसान होगी.

मल्टी एजेंसी कोआर्डिनेशन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यालय में मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC) की मौजूदगी से दिल्ली पुलिस, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संगठनों के बीच समन्वय बेहतर होगा. आतंकवाद से जुड़े मामलों में अक्सर कई एजेंसियों के पास अलग-अलग सूचनाएं होती हैं. एकीकृत मुख्यालय बनने के बाद इन जानकारियों का तेजी से आदान-प्रदान संभव होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे संभावित आतंकी हमलों को समय रहते रोकने में मदद मिलेगी.

आपात स्थिति के लिए विशेष व्यवस्था

भवन में आपातकालीन निकासी व्यवस्था, विशेष सुरक्षा गलियारे, उन्नत अग्निशमन प्रणाली और अन्य आपदा प्रबंधन सुविधाएं भी होंगी. जरूरत पड़ने पर अधिकारियों और कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष इवैक्यूएशन सिस्टम विकसित किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, 11 मंजिल का बनने वाला ये एंटी टेरर मुख्यालय अगले 3-4 साल में पूरा होगा, इसमें एक हेलीपैड बनाने का भी प्रपोजल है.

दिल्ली पुलिस की क्षमता में होगा बड़ा इजाफा

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुख्यालय केवल दिल्ली पुलिस की जरूरतों को पूरा नहीं करेगा, बल्कि भविष्य में देश के अन्य राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है. आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और एकीकृत संचालन प्रणाली के कारण यह देश के सबसे उन्नत एंटी-टेरर केंद्रों में शामिल होगा. लोधी कॉलोनी में बन रहा यह एंटी-टेरर मुख्यालय दिल्ली पुलिस की आतंकवाद विरोधी क्षमता को नई ऊंचाई देगा. आतंकवाद, साइबर अपराध, नार्को-टेरर नेटवर्क, गैंगस्टर सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए यह एक मजबूत कमांड सेंटर साबित होगा. सुरक्षा के लगातार बदलते खतरों के बीच यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

Advertisement

यह भी पढ़ें:- दिल्ली में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर Zero Tolerance पॉलिसी लागू, बैंक अकाउंट फ्रीज के साथ हो सकती है जेल, जानें पूरी डिटेल

Featured Video Of The Day
Suvendu Adhikari का Madarse पर नया फरमान; प्रार्थना सभा में वंदे मातरम गाना हुआ अनिवार्य | Mamata
Topics mentioned in this article