FASTag And Toll Tax New Rule: देशभर में 10 अप्रैल, 2026 से टोल प्लाजा पर कैशलेस और फास्टैग अनिवार्य (Fastag Mandatory) नियम लागू हो गए हैं, लेकिन कुछ राज्यों में यह बदलाव अभी लागू नहीं किया गया है. केंद्र सरकार के इस फैसले से देश भर के सभी नेशनल हाईवे पर अब सिर्फ फास्टैग या यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से ही टोल टैक्स लिया जा रहा है, लेकिन तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में यह बदलाव लागू नहीं किया गया है, क्योंकि वहां वर्तमान चुनावी प्रक्रिया के कारण अभी आदर्श आचार संहिता लागू है.
टोल प्लाजा पर भुगतान के नए नियम
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक, यदि कोई वाहन चालक बिना FASTag या इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के टोल प्लाजा पर भुगतान करता है, तो उसे निर्धारित शुल्क से 25 प्रतिशत अधिक राशि चुकानी होगी. इस कदम का उद्देश्य टोल प्लाजा पर भीड़ कम करना और वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है. FASTag प्रणाली से भुगतान तेजी से होता है, जिससे लंबी कतारों और जाम की समस्या में कमी आती है, इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है.
इन 5 राज्यों में अभी नहीं लागू होगा नियम
सरकार ने टोल संग्रह में दक्षता और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. देश भर के राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क प्लाजा पर सभी उपयोगकर्ता शुल्क भुगतान फास्टैग (FASTag) या यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसे डिजिटल माध्यमों से किया जा सकता है, लेकिन यह बदलाव तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में लागू नहीं किया गया है, क्योंकि वहां वर्तमान चुनावी प्रक्रिया के कारण अभी आदर्श आचार संहिता लागू है.
अगर, किसी गाड़ी पर फास्टैग नहीं है या एक्टिवेट नहीं है तो ड्राइवर को UPI से पेमेंट करने की सुविधा मिलेगा, लेकिन ऐसी स्थिति में चालक को अतिरिक्त टोल भरना पड़ेगा. UPI से पेमेंट करने पर सामान्य टोल फीस से 25% ज्यादा पैसा देना होगा. ऐसे में अगर टोल फीस 100 रुपये है तो UPI से पेमेंट करने पर चालक को 125 रुपये देने होंगे.
यह भी पढ़ें:- Toll Tax New Rule: टोल प्लाजा पर कैश पूरी तरह बंद, FASTag न होने पर देना होगा जुर्माना, ये हुए बड़े बदलाव
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक, अब वाहन चालकों को सालाना पास के लिए 3,000 रुपये की जगह 3,075 रुपये चुकाने होंगे. यह नई दर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू होगी. यह पास उन निजी (नॉन-कमर्शियल) वाहनों के लिए होता है, जिनमें वैध और चालू FASTag लगा होता है. सालाना टोल पास की नई दर फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए लागू होगी, जबकि टोल प्लाजा पर नियमों का उल्लंघन करने पर आपको ई नोटिस भी दिया जा सकता है. जुर्माने की रकम भी तीन दिन के भीतर देनी होगी.














