Draft Electric Vehicle Policy: अगर आप दिल्ली के रहने वाले हैं और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. बता दें, कि दिल्ली सरकार वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को तेजी से अपनाने के लिए Electric Vehicle Policy 2026 का ड्राफ्ट तैयार कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और ऑटो-रिक्शा खरीदारों को इंसेंटिव दिए जा सकते हैं. इसके अलावा महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए खास 'पिंक ई-परमिट' और 'रेनबो परमिट' कैटेगरी भी शामिल हो सकती हैं. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं...
प्रस्तावित ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2026 का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है. यह नीति 16 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में पेश हो सकती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान EV पॉलिसी, जो 2020 में लागू हुई थी, कई बार बढ़ाई जा चुकी है और अब 31 मार्च 2026 को खत्म हो जाएगी. नई पॉलिसी लागू होने के बाद यह 2030 तक प्रभावी रहेगी.
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किसे कितना मिलेगा लाभ?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (एक्स-शोरूम मूल्य 2.25 लाख रुपये तक) के लिए पहले साल में 10,000 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 30,000 रुपये) का इंसेंटिव मिलेगा. दूसरे साल में ये 6,600 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 20,000 रुपये) और तीसरे साल में 3,300 रुपये प्रति किलोवाट-घंटा (अधिकतम 10,000 रुपये) होगा. इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के लिए पहले साल 50 हजार रुपये, दूसरे साल 40 हजार रुपये और तीसरे साल 30 हजार रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा. इन तीन सालों में खरीदारों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी. इसका उद्देश्य लोगों को इलेक्ट्रिक बाइक और ऑटो खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है.
महिलाओं और ट्रांसजेंडर को विशेष छूट
महिलाओं और ट्रांसजेंडर ड्राइवरों के सशक्तिकरण के लिए 'पिंक ई-परमिट' और 'रेनबो परमिट' कैटेगरी के तहत विशेष इंसेंटिव दिए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर को सशक्त बनाना और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. नियमों के अनुसार, जिस व्यक्ति के नाम पर परमिट जारी होगा, वही वाहन चलाएगा, इसे किसी और को किराये पर नहीं दिया जा सकता. हालांकि, गर्भावस्था की स्थिति में कुछ छूट दी जा सकती है.














