Char Dham Yatra Green Card System: चार धाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और यातायात को सुचारू बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने “ग्रीन कार्ड सिस्टम” शुरू किया है. इस पहल का मकसद हर साल होने वाली चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा देना है. परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने हरिद्वार के रोशनाबाद में ग्रीन कार्ड सिस्टम का उद्घाटन किया. यह कदम देश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक, चार धाम यात्रा के दौरान परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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क्या है ग्रीन कार्ड सिस्टम
ग्रीन कार्ड सिस्टम एक अनिवार्य प्रमाणपत्र प्रक्रिया है. इसके तहत चार धाम यात्रा में चलने वाले कमर्शियल यात्री वाहनों की पूरी जांच की जाएगी. इस जांच में वाहन की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को परखा जाएगा, जो वाहन इन जरूरी मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें ही यात्रा रूट पर चलने की अनुमति दी जाएगी.
इस पहल के मुख्य उद्देश्यग्रीन कार्ड सिस्टम का मकसद यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और सुचारू बनाना है. इसमें कमर्शियल वाहनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित करना, यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना और आपात स्थिति में वाहन से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराना है.
वाहन मालिक परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें वाहन से जुड़ी जरूरी जानकारी देनी होगी और तय शुल्क जमा करना होगा.
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावादरअसल, हर साल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने के लिए लाखों श्रद्धालु यात्रा करते हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को संभालना एक बड़ी चुनौती होती है. ग्रीन कार्ड सिस्टम से वाहनों की निगरानी बेहतर होगी, जोखिम कम होंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यात्रा में केवल पूरी तरह सुरक्षित और सड़क पर चलने लायक वाहन ही लगाए जाएं. ग्रीन कार्ड सिस्टम की शुरुआत यह दिखाती है कि उत्तराखंड सरकार चार धाम यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना चाहती है. कमर्शियल वाहनों पर सख्त जांच लागू करके सरकार श्रद्धालुओं को सुरक्षित, आसान और परेशानी-मुक्त यात्रा का अनुभव देना चाहती है.














