Char Dham Yatra 2026: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को मिलाकर बनने वाली चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में गिनी जाती है. चार धाम यात्रा 2026 की शुरुआत अप्रैल से होने जा रही है. अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस पवित्र यात्रा का आगाज होगा. हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र चार धाम यात्रा पर निकलते हैं. यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था, प्रकृति और आत्मिक शांति का अनोखा संगम मानी जाती है, लेकिन चार धाम यात्रा के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन करवाना होता है. चलिए आपको बताते हैं चार धाम यात्रा कब शुरुआत कब होने वाली है और इसके लिए क्या प्रक्रिया होती है.
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Char dham Yatra 2026 कब शुरू होगी?
हर साल लाखों श्रद्धालु पवित्र चार धाम यात्रा पर निकलते हैं. हर साल चार धाम यात्रा अक्षय तृतीया के मौके पर शुरू होती है. इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को पड़ रही है और इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलने की तैयारी है. बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 से खोले जाने की घोषणा की गई है.
चार धाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन कैसे करें?- ऑनलाइन पोर्टल- उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट Registration and Tourist Care पर जाकर अपना विवरण भरें.
- मोबाइल ऐप- गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप डाउनलोड करके पंजीकरण करें.
- व्हाट्सएप- मोबाइल नंबर +91 8394833833 पर "Yatra" लिखकर भेजें और निर्देशों का पालन करें.
- टोल-फ्री नंबर- किसी भी सहायता के लिए आप 0135-1364 पर कॉल कर सकते हैं.
- पंजीकरण प्रक्रिया आमतौर पर यात्रा शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले (संभावित मार्च 2026) शुरू होती है. पंजीकरण के बाद अपना Yatra Registration Letter या QR Code संभाल कर रखें, क्योंकि दर्शन के समय इसकी आवश्यकता होगी.
यमुनोत्री का रास्ता- हरिद्वार/ऋषिकेश, बड़कोट, जानकीचट्टी, 6 किमी पैदल यात्रा
गंगोत्री का रास्ता- हरिद्वार/ऋषिकेश, उत्तरकाशी, गंगोत्री (पूरी तरह मोटर रोड)
केदारनाथ का रास्ता- हरिद्वार/ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, गौरीकुंड, 16 किमी पैदल/घोड़ा/हेलीकॉप्टर
बद्रीनाथ का रास्ता- हरिद्वार/ऋषिकेश , जोशीमठ, बद्रीनाथ (पूरी तरह मोटर रोड)














