Char Dham Yatra 2022: उत्तराखंड में उमड़ रही भीड़ के मद्देनजर पंजीकरण, यात्रा कार्ड अनिवार्य 

श्रद्धालुओं को जांच चौकियों पर रोका जाएगा और उन्हें अनिवार्य पंजीकरण एवं यात्रा कार्ड दिखाए बिना आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यात्रा कार्ड में मंदिर जाने की तिथि और समय का स्पष्ट उल्लेख होगा. 

विज्ञापन
Read Time: 23 mins
सुनिश्चित किया जा रहा है कि चार धाम यात्रा के लिए पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही अनुमति दी जाए. 
ऋषिकेश:

Char Dham Yatra 2022: चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड (Uttarakhand) में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़ के मद्देनजर देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश में जांच चौकियों को शनिवार को सक्रिय कर दिया गया तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चार धाम यात्रा के लिए केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही अनुमति दी जाए. देहरादून के जिलाधिकारी आर राजेश कुमार ने कहा, ‘‘ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि तीर्थयात्रियों की संख्या मंदिरों के लिए निर्धारित संख्या से ज्यादा नहीं होने पाए.''

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को जांच चौकियों पर रोका जाएगा और उन्हें अनिवार्य पंजीकरण एवं यात्रा कार्ड दिखाए बिना आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यात्रा कार्ड में मंदिर जाने की तिथि और समय का स्पष्ट उल्लेख होगा. 

Kedarnath Temple: भगवान शिव ने भैंसे का रूप बनाकर पांडवों को किया था पाप मुक्त, ऐसी है केदारनाथ मंदिर की कथा

Advertisement

अधिकारी ने कहा कि सूचना नहीं मिलने के कारण जो लोग बिना पंजीकरण कराए आ गए हैं उनके पंजीकरण की व्यवस्था की जा रही है. 

Advertisement

Char Dham Yatra 2022: चार धाम के लिए यात्रियों की संख्या हुई सीमित, अब एक दिन में इतने श्रद्धालु कर सकते हैं दर्शन

Advertisement

उत्तराखंड सरकार ने इस बार 45 दिनों की समय सीमा तय की है. इस दौरान बद्रीनाथ के लिए 15 हजार और केदारनाथ के लिए 12 हजार लोगों को  रोजाना दर्शन करने की अनुमति है, जबकि गंगोत्री के लिए 7 हजार और यमुनोत्री के लिए 4 हजार दर्शनार्थियों की संख्‍या निर्धारित की गई है. 

Advertisement

गुड मॉर्निंग इंडिया: केदारनाथ धाम के खुले कपाट, CM पुष्‍कर सिंह धामी भी पूजा में हुए शामिल

Featured Video Of The Day
जिस Waqf Board को 12 साल पहले असीमित ताकत मिली थी, उसे कैसे कानूनी दायरे में लाया जा रहा है?