किराए के घर में रहते हैं? बड़े काम आएंगे प्रॉपर्टी से जुड़े ये 7 कानूनी नियम

Property Laws: कुछ बुनियादी अधिकार हर किरायेदार को मिलते हैं. यहां हम आपको 7 ऐसे ही जरूरी नियमों के बारे में बता रहे हैं. अगर आपको ये कानून पता हैं, तो आप किसी भी गलत व्यवहार से खुद को बचा सकते हैं.

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हर किराएदार को पता होनी चाहिए ये बातें

Property Laws: किराए के घर में रहना आज के समय में आम बात है. अब, अगर आप भी अपने घर से दूर कहीं और किराए पर घर लेकर रह रहे हैं, तो ये आर्टिकल आप ही के लिए है. बता दें कि रेंट पर रहने वाले लोगों के पास भी अपने कुछ अधिकार होते हैं. ये नियम राज्य के हिसाब से अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ बुनियादी अधिकार हर किराएदार को मिलते हैं. यहां हम आपको 7 ऐसे ही जरूरी नियमों के बारे में बता रहे हैं. अगर आपको ये कानून पता हैं, तो आप किसी भी गलत व्यवहार से खुद को बचा सकते हैं.

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हर किराएदार को पता होनी चाहिए ये बातें

गैरकानूनी बेदखली 

अगर आप कहीं किराए पर घर लेकर रह रहे हैं, तो मकान मालिक आपको बिना नोटिस और बिना कानूनी प्रक्रिया के घर से नहीं निकाल सकता है. ऐसे मामलों में आमतौर पर पहले लिखित नोटिस देना और जरूरत पड़ने पर कोर्ट का आदेश लेना जरूरी होता है. ऐसे में अगर आपका मकान मालिक आपको अचानक घर से निकालने की धमकी दे, तो आप उन्हें अपने इस अधिकार के बारे में बता सकते हैं.

सही किराया तय करने का अधिकार

किराया आमतौर पर एग्रीमेंट के अनुसार तय होता है. मकान मालिक अचानक मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकता है. अगर एग्रीमेंट में जो तय है, उससे ज्यादा मांग की जाती है तो आप कानूनी मदद ले सकते हैं.

जरूरी सुविधाओं का अधिकार

पानी, बिजली, साफ-सफाई और घर की सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिलना आपका अधिकार है. विवाद होने पर भी मकान मालिक इन सेवाओं को बंद नहीं कर सकता है. अगर जरूरी मरम्मत नहीं की जाती, तो आप शिकायत कर सकते हैं.

प्राइवेसी का अधिकार

किराए का घर आपका निजी स्थान होता है. मकान मालिक बिना पहले बताए घर में प्रवेश नहीं कर सकता है. हालांकि, आपात स्थिति में बात अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य हालात में पहले सूचना देना जरूरी माना जाता है. अनुमति के बिना बार-बार आना आपके अधिकारों का उल्लंघन है.

सिक्योरिटी डिपॉजिट की वापसी

घर खाली करने के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाना मकान मालिक की जिम्मेदारी है. केवल नुकसान या बकाया बिल के लिए ही कटौती की जा सकती है. अगर मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट देने से मना करे, तो आप उसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

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लिखित और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट

हमेशा लिखित रेंट एग्रीमेंट बनवाएं. इसमें किराया, समय अवधि, नोटिस पीरियड और जिम्मेदारियां साफ लिखी होनी चाहिए. 11 महीने से ज्यादा की लीज हो तो उसे रजिस्टर कराना जरूरी होता है.

कानूनी उपाय का अधिकार

इन सब से अलग अगर आपके साथ गलत व्यवहार होता है, तो आप रेंट अथॉरिटी या सिविल कोर्ट में इसकी शिकायत भी कर सकते हैं. 

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इस तरह ये नियम आपके लिए बड़े काम के साबित हो सकते हैं. 

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