Ghaziabad News: गाजियाबाद से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई जहां, एक ही परिवार की 3 नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी. कहा जा रहा है कि तीनों बहनों को कोरियन टास्क बेस्ड ऑनलाइन गेम की लत लगी हुई थी, जिसका नाम है कोरियन लवर गेम, जो कि वे तीनों पिछले 5 साल से खेल रही थीं. ये पूरी घटना माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी बन गई है. बता दें, आजकल बच्चों को फोन और वीडियो गेम्स की लत बहुत जल्दी लग जाती है, जिसका बुरा प्रभाव उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ता है. ऐसे में पैरेंट्स के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह वीडियो गेम्स बच्चों के लिए क्यों खतरनाक साबित होते हैं. आइए जानते हैं...
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1. समय होता है बर्बाद
कॉमन सेंस मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में 8 से 12 साल के बच्चे रोजाना 2 घंटे 18 मिनट वीडियो गेम खेलते थे, जो 2021 में बढ़कर 2 घंटे 27 मिनट हो गया. वहीं 2021 में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि 12 से 18 साल के बच्चों में 57% लड़के और 36% लड़कियां हर दिन कम से कम 3.5 घंटे गेमिंग में बिताते हैं. गेम खेलने में बिताया गया यह समय बर्बाद होता है और अक्सर नींद, बाहर खेलने, पढ़ने, पढ़ाई करने और घर के जरूरी कामों के समय को कम कर देता है, जो बच्चों के लिए जरूरी होते हैं.
2. फाइनेंशियल एक्सप्लोइटेशन
वीडियो गेम्स अक्सर बच्चों को अपने कैरेक्टर को खास बनाने, नए हथियार खरीदने, अलग‑अलग अवतार लेने और अगले लेवल तक पहुंचने के लिए बार‑बार पैसे खर्च करने के लिए उकसाते हैं. शुरुआत में छोटे‑छोटे खर्च से बात शुरू होती है, लेकिन धीरे‑धीरे बच्चों को पैसे खर्च करने के लत लग जाती है. इस तरह की गेमिंग आदतें बच्चों में पैसों की गलत समझ, जरूरत से ज्यादा खर्च करने की आदत और माता‑पिता पर आर्थिक दबाव भी बना देती हैं.
3. गैम्बलिंग की आदत
कई वीडियो गेम्स बच्चों को चैट के जरिए आपस में चीजों की ट्रेडिंग और जुए जैसे खेल खेलने के लिए भी बढ़ावा देते हैं. गेम के अंदर ऐसे फीचर होते हैं, जिनसे बच्चे बिना पूरी समझ के जोखिम उठाने लगते हैं. साल 2018 में किए गए एक सर्वे में 2,865 एडोलिसेंट गेमर्स को शामिल किया गया था, जिसमें पाया गया कि 13% बच्चों ने ऑनलाइन जुए जैसे गेम खेले थे. यह आदत बच्चों के लिए मानसिक और आर्थिक रूप से नुकसानदेह हो सकती है.
4. डिप्रेशन की समस्या
अधिक समय तक गेम खेलने से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा गेमिंग करने से डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. 221,096 एडोलिसेंट पर की गई एक स्टडी में गेम खेलने और मानसिक स्वास्थ्य के बीच एक खास तरह का संबंध देखा गया. इस स्टडी के अनुसार, अगर कोई रोजाना 5 घंटे से ज्यादा गेम खेलता है, तो उसमें डिप्रेशन का जोखिम काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा, कई बार ज्यादा वीडियो गेम खेलने से नींद पूरी न होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
5. अनजान लोगों से दोस्ती
कई वीडियो गेम्स में Open और Anonymous Chat की वजह से बच्चे अनजान लोगों के संपर्क में आ जाते हैं. इनमें कुछ लोग बच्चों को गलत सलाह दे सकते हैं या उन्हें गलत और नुकसानदेह कामों के लिए बहका सकते हैं.














