Munak Canal Elevated Road: उत्तर दिल्ली में यातायात लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है, लेकिन अब सरकार ने मुनक नहर के किनारे 16 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क को मंजूरी दे दी है. यह प्रोजेक्ट अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने वाला है. इससे इलाके के लोगों, खासकर मकान और प्रॉपर्टी बाजार के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है. यह सड़क इंदरलोक मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर हरियाणा सीमा तक जाएगी. इसका मकसद लोगों को मुकबरा चौक के लंबे जाम से राहत दिलाना है. उत्तर-पश्चिम दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए अब सफर कम समय का होगा और इससे प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की उम्मीद है.
मुनक नहर के किनारे बनेगा 16 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस परियोजना के तहत डबल-डेकर कॉरिडोर बना रहा है. यह सड़क मुनक नहर के रास्ते के साथ-साथ चलेगी. सड़क को ऊंचे पिलरों पर बनाया जाएगा, ताकि नहर के पानी की सप्लाई में कोई रुकावट न आए. यह एलिवेटेड सड़क सीधे अर्बन एक्सटेंशन रोड–II (UER-II) से जुड़ेगी, जिससे शहर के किनारे एक तेज रफ्तार बाईपास तैयार हो जाएगा.
- इस सड़क पर 16 से 20 किलोमीटर तक बिना सिग्नल के सफर किया जा सकेगा.
- वर्ष 2026 से निर्माण कार्य तेज होगा और इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है.
- सड़क पर हैदरपुर, रोहिणी और बवाना में बड़े रैंप बनाए जाएंगे.
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यह कॉरिडोर 18 विधानसभा क्षेत्रों और दो लोकसभा सीटों से होकर गुजरेगा, जिसका उद्देश्य उत्तरी और मध्य दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक जाम को कम करना है. इससे यात्रा का समय कम होगा, नहर पर मौजूदा बुनियादी ढांचे पर दबाव कम होगा और मुनक नहर के किनारे लंबे समय से उपेक्षित पड़े हिस्सों को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा. कुल मिलाकर, यह परियोजना दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम करेगी और लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को आसान बनाएगी.














