High Speed Train Cateogory: रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत और प्रयागराज एक्सप्रेस समेत कुल 155 ट्रेनों को हाई स्पीड ट्रेन की श्रेणी में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है. इस बड़े फैसले से अब लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर को स्पेशल हाई स्पीड भत्ते का लाभ मिलेगा. साथ ही रनिंग स्टाफ की महीने की सैलरी में भी बढ़ोतरी हो जाएगी.
इन ट्रेनों को किया गया शामिल
शताब्दी एक्सप्रेस
- भोपाल-नई दिल्ली शताब्दी
- लखनऊ-नई दिल्ली शताब्दी
- अमृतसर-नई दिल्ली शताब्दी
- पटना-हावड़ा जनशताब्दी
- पुणे-सिकंदराबाद शताब्दी
- चेन्नई-कोयंबटूर शताब्दी
- हावड़ा-भुवनेश्वर जनशताब्दी
- कोटा जनशताब्दी
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गतिमान एक्सप्रेस
- नई दिल्ली-झांसी/ग्वालियर रूट की गतिमान एक्सप्रेस
राजधानी एक्सप्रेस
- हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी
- भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी
- चेन्नई-हजरत निजामुद्दीन राजधानी
- जम्मू तवी-नई दिल्ली राजधानी
- स्वर्ण जयंती राजधानी
- अहमदाबाद राजधानी
- तेजस राजधानी (नई दिल्ली-राजेंद्र नगर)
दुरंतो एक्सप्रेस
- पुणे-हावड़ा दुरंतो
- सिकंदराबाद-हजरत निजामुद्दीन दुरंतो
- नई दिल्ली-भुवनेश्वर दुरंतो
- हावड़ा-नई दिल्ली दुरंतो
- दिल्ली सराय रोहिल्ला-जम्मू तवी दुरंतो
हमसफर एक्सप्रेस
- मधुपुर-आनंद विहार हमसफर
- आनंद विहार-मधुपुर हमसफर
- वाराणसी/गोरखपुर रूट की हमसफर ट्रेनें
तेजस एक्सप्रेस
- मुंबई-गोवा तेजस एक्सप्रेस
- मदुरै-चेन्नई तेजस
- नई दिल्ली-राजेंद्र नगर तेजस राजधानी
वंदे भारत एक्सप्रेस लिस्ट में सबसे ज्यादा विस्तार वंदे भारत ट्रेनों का हुआ है
- नागपुर-सिकंदराबाद
- भोपाल-नई दिल्ली
- चेन्नई-कोयंबटूर
- चेन्नई-विजयवाड़ा
- तिरुपति-सिकंदराबाद
- विशाखापट्टनम-सिकंदराबाद
- भुवनेश्वर-विशाखापट्टनम
- राउरकेला-हावड़ा
- इंदौर-नई दिल्ली
- अजमेर-दिल्ली कैंट
- उदयपुर-जयपुर
- उदयपुर-आगरा कैंट
- वाराणसी-नई दिल्ली
- बनारस-नई दिल्ली
- काशी/वाराणसी-नई दिल्ली
- गया-हावड़ा
- कुरज-हजरत निजामुद्दीन
- दिल्ली-अमृतसर
- अहमदाबाद-ओखा
- हावड़ा-पुरी
अन्य प्रमुख ट्रेनें
- संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस
- महाबोधि एक्सप्रेस
- प्रयागराज एक्सप्रेस
- श्रमशक्ति एक्सप्रेस
- शिवगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
- पूर्वा एक्सप्रेस
- जलियांवाला बाग एक्सप्रेस
- गरीब रथ एक्सप्रेस
- एपी एक्सप्रेस
- सुपरफास्ट एसी एक्सप्रेस
बता दें कि अभी तक ये ट्रेनें हाई स्पीड में चलती थीं लेकिन इन्हें अभी तक हाई स्पीड ट्रेन की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया था, जिसके कारण स्टाफ को इसका भत्ता नहीं मिल रहा था. अब इन ट्रेनों को शामिल करने के बाद रनिंग स्टाफ के वेतन में हर महीने पांच से दस हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
कितनी होगी बढ़ोतरी?
रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था के अनुसार लोको पायलटों की माइलेज दर प्रति 100 किलोमीटर 485 रुपये से बढ़ाकर 606 रुपये कर दी गई है. वहीं, गार्ड के लिए यह 439 रुपये से बढ़कर 549 रुपये हो गई है.
क्यों हुआ बदलाव?
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन संचालन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. इसके चलते भत्ता कर्मचारियों को विशेष कार्यक्षमता सम्मान दिया जा रहा है.
रेलवे बोर्ड ने यह भी फैसला लिया है कि भविष्य में कोई नई ट्रेन हाई-स्पीड मानकों पर खरी उतरती है या किसी ट्रेन की स्पीड/कैटेगरी बदलती है, तो कोचिंग डायरेक्टरेट तुरंत इस सूची को अपडेट करेगा. साथ ही फैसले को भारतीय रेलवे के तेजी से बढ़ते प्रीमियम और हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है.














