
एक्ट्रेस सुलग्ना चटर्जी
नई दिल्ली:
कास्टिंग काउच ग्लैमर की दुनिया का एक स्याह सच है. फिर चाहे वह फिल्मी दुनिया हो, टीवी इंडस्ट्री हो या फिर मॉडलिंग. कास्टिंग काउच होता है यह तो सभी जानते हैं, लेकिन कोई इसके बारे में बात नहीं करना चाहता. बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जो इस मामले को सबके सामने ला पाने की हिम्मत जुटा पाते हैं. हाल ही में मॉडल व एक्ट्रेस सुलग्ना चटर्जी को ऐसा ही एक नाजायज 'ऑफर' मिला, जिसे जानने के बाद आपका मन भी गुस्से से भर उठेगा. अगर आप सोच रहे हैं कि सुलग्ना कौन हैं तो आपको बता दें कि वो टीवी सीरियल 'दिल से दी दुआ... सौभाग्यवती भव:' (2011) और रोमांटिक कॉमेडी फिल्म पुणे टीसी (2012) में नजर आ चुकी हैं.
जब इन एक्ट्रेस के साथ सेट पर हुई 'गंदी बात'
सुलग्ना ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर व्हॉट्सएप्प चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने इस भयावह हादसे के बारे में बताया है. चैट की बातचीत से साफ पता चलता है कि सुलग्ना एक ऐसी इंडस्ट्री में काम करती हैं जो बिना 'कॉम्प्रोमाइज' के काम नहीं करती इसलिए उन्हें यह सब सहना पड़ा.
बिना बताए शूट किए गए लंबे Kissing Scenes: जरीन खान
मुझे होटल के कमरे में बुलाया और...: स्वरा भास्कर
सुलग्ना ने इस इंस्टाग्राम पोस्ट को एक कैप्शन भी दिया है. उन्होंने लिखा है, 'इस तरह के ऑफर्स इतने कॉमन होते हैं कि फिर आपको इनसे फर्क पड़ना बंद हो जाता है.' ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कास्टिंग काउच इंडस्ट्री में बिलकुल नॉर्मल बात है? क्या टैलेंट की कोई कद्र नहीं? क्या इंडस्ट्री में हजारों लड़कियों को अपनी राह बनाने के लिए ऐसी घिनौनी शर्तों को मानना पड़ता है? बहरहाल, इंडस्ट्री में अब भी सुलग्ना जैसी लड़कियां हैं जो कास्टिंग काउच के सामने घुटने टेकने के बजाए उसकी असलियत सबके सामने लाने में विश्वास रखती हैं.
VIDEO: कास्टिंग काउच का सच
जब इन एक्ट्रेस के साथ सेट पर हुई 'गंदी बात'
सुलग्ना ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर व्हॉट्सएप्प चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने इस भयावह हादसे के बारे में बताया है. चैट की बातचीत से साफ पता चलता है कि सुलग्ना एक ऐसी इंडस्ट्री में काम करती हैं जो बिना 'कॉम्प्रोमाइज' के काम नहीं करती इसलिए उन्हें यह सब सहना पड़ा.
बिना बताए शूट किए गए लंबे Kissing Scenes: जरीन खान
मुझे होटल के कमरे में बुलाया और...: स्वरा भास्कर
सुलग्ना ने इस इंस्टाग्राम पोस्ट को एक कैप्शन भी दिया है. उन्होंने लिखा है, 'इस तरह के ऑफर्स इतने कॉमन होते हैं कि फिर आपको इनसे फर्क पड़ना बंद हो जाता है.' ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कास्टिंग काउच इंडस्ट्री में बिलकुल नॉर्मल बात है? क्या टैलेंट की कोई कद्र नहीं? क्या इंडस्ट्री में हजारों लड़कियों को अपनी राह बनाने के लिए ऐसी घिनौनी शर्तों को मानना पड़ता है? बहरहाल, इंडस्ट्री में अब भी सुलग्ना जैसी लड़कियां हैं जो कास्टिंग काउच के सामने घुटने टेकने के बजाए उसकी असलियत सबके सामने लाने में विश्वास रखती हैं.
VIDEO: कास्टिंग काउच का सच
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं