- केबीसी में कंटेस्टेंट को कई दौर की चयन प्रक्रिया से गुज़रना पड़ता है
- प्रोसेस का ऑडिट जानी-मानी इंटरनेशनल ऑडिट टीम की देखरेख में किया जाता है
- केबीसी में हिस्सा लेने के लिए स्पेशल क्वालिफिकेशन जरूरी नहीं
कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) का ग्रैंड सेट, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की गर्मजोशी और हॉट सीट को देखकर आपके दिल और दिमाग दोनों ने आपसे एक बार तो ज़रूर इस गेम शो में हिस्सा लेने के लिए कहा होगा. केबीसी में
जाकर आप सिर्फ पैसा ही नहीं जीतते बल्कि आपको खूब मान-सम्मान भी मिलता है. लोग आपको जानने लगते हैं और आपकी होशियारी का लोहा भी मानते हैं. ऊपर से बोनस ये कि आपको अपने फेवरेट स्टार अमिताभ बच्चन की मेहमान
नवाज़ी भी मिलती है. लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि लाखों लोगों के बीच से चुनकर कंटेस्टेंट हॉट सीट तक पहुंचते कैसे हैं? आज हम आपको रजिस्ट्रेशन से लेकर हॉट सीट पर बैठने तक का पूरा प्रोसेस बताएंगे.
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केबीसी की तैयारी इंटरनेशनल नियमों के अनुसार की जाती है. इसमें खिलाड़ियों को कई दौर की चयन प्रक्रिया और टेस्ट से गुज़रना पड़ता है. यहां तक कि लिखित और वीडियो टेस्ट देने के बाद कंप्यूटर उनका रैंडम सलेक्शन करता है. आखिर में इन सबको अलग-अलग पैनलों में आगे के प्रोसेस के लिए भेज दिया जाता है. इस पूरे प्रोसेस का ऑडिट जानी-मानी इंटरनेशनल ऑडिट टीम की देखरेख में किया जाता है. कौन बनेगा करोड़पति में शामिल होने के लिए किसी स्पेशल क्वालिफिकेशन की जरूरत तो नहीं होती है लेकिन इसके लिए कई चरणों से गुज़रना होता है.
लेवल 1
शो के प्रमोशन के दौरान प्रत्येक दिन दर्शकों से चार विकल्पों के साथ एक सवाल पूछा जाता है. यानी कि फर्स्ट राउंड में अलग-अलग कुल पांच सवाल पूछे जाते हैं और इच्छुक लोगों के पास सवाल का जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय होता है. जवाब देने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है. दर्शक चार तरीकों से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं: (1)IVR 5052525 01-04(2) SMS 509093 (3) सोनी लाइव वेबसाइट (4) सोनी लाइव एप्प (एंड्रॉयड और iOS). रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जैसे ही आप सवाल का जवाब देते हैं आपको एक थैंक्स मैसेज मिलता है, 'रजिस्ट्रेशन के लिए आपका धन्यवाद. चयन होने पर केबीसी सोनी की टीम पांच दिनों के अंदर आपसे संपर्क करेगी'.
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लेवल 2
कंप्यूटर सॉफ्टवेयर फर्स्ट राउंड से मिले सभी सही जवाबों में कुछ का रैंडम सलेक्शन करता है. इसके बाद इस रैंडम सलेक्शन में से लगभग 9990 लोगों को कॉल सेंटर एग्जिक्यूटिव (CCE)कॉल करते हैं. अगर इस दौरान आपका फोन
बिज़ी होता है या कॉल ड्रॉप होने पर इसकी ज़िम्मेदारी कंपनी की नहीं होती है. इस कॉल के दौरान आपसे कंफर्म किया जाता है कि आपने गेम शो में पार्टिसिपेट करने के लिए जवाब भेजा था या नहीं. साथ ही अगर आप जरूरी डिटेल नहीं दे पाते हैं तो आपको एक बार और कॉल किया जाता है. दूसरी बार भी जानकारी मुहैया न कराने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाता है.
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रजिस्टर्ड फोन नंबर से सही-सही जानकारी देने वाले से CCE हिंदी या अंग्रेज़ी में किसी एक भाषा का चुनाव करने के लिए कहता है. साथ ही ऑडिशन और शूट के लिए डेट कंफर्म की जाती है. इसके बाद CCE आपको ऑटोमेटेड IVR से कनेक्ट कर देते हैं. IVR आपसे आपकी उम्र, जेंडर, एजुकेशन और व्यवसाय के बारे में जानकारी मांगेगा. इसके बाद IVR एक के बाद एक आपकी स्किल से जुड़े दो सवाल पूछता है. इसके साथ ही एक और सवाल पूछा जाता है जिसे 'नियरेस्ट टू आंसर' कहा जाता है. यानी कि आपका जवाब सही जवाब के करीब होना चाहिए. उदाहरण के लिए मुंबई और आगरा की दूरी कितनी है? अगर आपका जवाब सही होता है तो आपको आगे खेलने के लिए फिर कॉल किया जा सकता है.
लेवल 3
कंप्यूटर सॉफ्टवेयर लेवल 1 और लेवल 2 पार करने वाले कंटेस्टेंट का एक बार फिर रैंडम सलेक्शन करता है. इसके बाद कॉल सेंटर एग्जीक्यूटिव सलेक्टेट कैंडिडेट को ऑडिशन के लिए कॉल करते हैं. उन्हें ऑडिशन का दिन, जगह और समय बताया जाता है. अगर कैंडिडेट पहले से तय डेट पर ऑडिशन के लिए नहीं पहुंच पाते हैं तो रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया जाता है. ऑडिशन के दिन कंटेस्टेंट को अपनी पासपोर्ट साइज़ की चार कलर फोटो, पैन कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट, पासपोट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड साथ में ले जाना होता है. इसके साथ ही 'फोन ए फ्रेंड' के लिए कंटेस्टेंट को अपने एक ऐसे दोस्त का नाम बताना होता है जो भारत का नागरिक हो और जिसकी उम्र कम से कम
18 साल हो. यही नहीं उस दोस्त की चार पासपोर्ट साइज़ की फोटो भी ले जानी होती हैं.
लेवल 4
ऑडिशन के दिन हर एक कंटेस्टेंट को एक यूनीक नंबर दिया जाता है. इसके बाद कंटेस्टेंट को दो राउंड के एंट्रेंस टेस्ट (लिखित टेस्ट और वीडियो टेस्ट) से गुज़रना होता है. जो कंटेस्टेंट टेस्ट पास नहीं कर पाते हैं उन्हें वहीं पर डिस्क्वालिफाई कर दिया जाता है.
लेवल 5
दो सदस्यों वाले जूरी मेंबर्स कंटेस्टेंट की आंसर शीट और वीडियो फुटेज देखते हैं और उसकी के आधार पर अपनी राय बनाते हैं. इसके बाद जो कंटेस्टेंट सलेक्ट होते हैं उन्हें तीन सदस्यीय जरूरी मेंबर्स का सामना करना होता है. इसके बाद 'फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट' राउंड के लिए दो लिस्ट बनाई जाती हैं. दूसरी लिस्ट को बैकअप लिस्ट भी कहा जाता है. मान लीजिए कि अगर पहली लिस्ट का कोई कंटेस्टेंट शूट पर नहीं आ पाया तो दूसरी लिस्ट के कंटेस्टेंट को उसकी जगह मौका दे दिया जाता है.
इसके बाद का प्रोसेस तो आप जानते ही हैं. 'फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट' राउंड में फर्स्ट आने वाले को मिलता है महानायक अमिताभ बच्चन के सामने वाली हॉट सीट पर बैठने का मौका.
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