Noida Engineer Death Case: बॉलीवुड और फिल्म एक्टर अभिनव शुक्ला ने ग्रेटर नोएडा में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की डूबने से हुई मौत पर अपना गुस्सा और निराशा जाहिर की. अभिनव ने लापरवाही और बचाव में देरी की कड़ी आलोचना की. इस घटना को "घिनौना और शर्मनाक" बताते हुए एक्टर ने कहा कि यह दिल तोड़ने वाला है कि अधिकारी उस युवा लड़के को बचाने में नाकाम रहे. सोमवार (19 जनवरी) को अभिनव ने X पर एक वीडियो शेयर किया और एक पोस्ट डालकर अधिकारियों की आलोचना की. उन्होंने इस मामले में जवाबदेही और कार्रवाई की भी मांग की.
वीडियो शेयर करते हुए अभिनव ने लिखा, "शर्म करो NDRF, शर्म करो फायर डिपार्टमेंट, अधिकारियों पर शर्म है, तुम एक यंग लड़के को नहीं बचा पाए! मुझे हैरानी है कि अगर आप वह बेसिक काम भी नहीं कर सकते जिसके लिए आप टैक्स देने वालों के पैसे से पूरी जिंदगी ट्रेनिंग लेते हैं, तो आपके डिपार्टमेंट मौजूद ही क्यों हैं! उस फ्लिपकार्ट डिलीवरी वाले को सलाम जिसने कोशिश की."
वीडियो में अभिनव ने कहा, "युवराज मेहता के केस में, एक यंग लड़के की कार कंस्ट्रक्शन साइट की दीवार से टकराने के बाद पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. दुर्घटना के बाद उसने तुरंत फायर डिपार्टमेंट, पुलिस और NDRF को अलर्ट किया. ये सभी एजेंसियां क्रेन और रस्सियों के साथ मौके पर पहुंचीं लेकिन एक भी प्रोफेशनल बचावकर्मी उसे बचाने के लिए पानी में नहीं उतरा. दो घंटे तक लड़का अपनी डूबी हुई कार के ऊपर खड़ा रहा, मदद के लिए चिल्लाता रहा और जिंदा रहने के लिए संघर्ष करता रहा."
Shame NDRF , Shame Fire Dept , Shame on authorities , you couldn't save a young kid ! I wonder why your departments even exist if you could not do a basic job for which you train your entire life with tax payers money ! Bravo that Flip-cart Delivery guy who tried ! @PMOIndia… pic.twitter.com/DUBmfw2ymJ
— Abhinav Shukla (@ashukla09) January 19, 2026
उन्होंने आगे कहा, "यह चौंकाने वाली बात है कि ये डिपार्टमेंट, जिनका एकमात्र मकसद बचाव और सुरक्षा करना है, सिर्फ दर्शक बनकर खड़े रहे... यह एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी वाला था जिसने सच्ची बहादुरी दिखाई, खुद को रस्सी से बांधकर लड़के तक पहुंचने के लिए पानी में उतरा. हालांकि ये कोशिश उसे बचा नहीं पाई."
अभिनव ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि इसमें शामिल कर्मचारियों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. सरकार को इस बात पर फिर से विचार करना चाहिए कि टैक्स देने वालों का पैसा ऐसे डिपार्टमेंट में क्यों लगाया जा रहा है जो बुनियादी बचाव अभियान चलाने में नाकाम रहते हैं. यह शर्मनाक और घिनौना है. अधिकारियों को अपनी भर्ती और ट्रेनिंग प्रोसीजर को देखना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जिन लोगों को जान बचाने का काम सौंपा गया है, उनमें ऐसा करने का साहस और काबिलियत हो. अगर ये डिपार्टमेंट संकट के समय अपना मकसद पूरा नहीं कर सकते, तो उनके अस्तित्व पर ही सवाल उठना चाहिए. उनका मकसद क्या है?”
ग्रेटर नोएडा डूबा था युवराज मेहता
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में एक खाली प्लॉट पर गहरे, पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से शनिवार सुबह एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई. इससे सिविक लैप्स और रेस्क्यू में देरी को लेकर जनता में नाराजगी और आक्रोश है.
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