सस्ता फोन पड़ सकता है महंगा! चोरी या नकली डिवाइस से बचने के लिए सरकार की खास सलाह

IMEI नंबर चेक करने के बाद अगला जरूरी कदम है उसे सरकारी वेबसाइट पर वेरिफाई करना. इसके लिए आप CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे दूरसंचार विभाग द्वारा मैनेज किया जाता है.

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आजकल हर कोई नया स्मार्टफोन खरीदते समय उसके फीचर्स, कैमरा और कीमत पर ज्यादा ध्यान देता है, लेकिन एक बहुत जरूरी बात अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है फोन की असली पहचान यानी उसकी ऑथेंटिसिटी. भारत सरकार के साइबर क्राइम से जुड़े विभाग ने हाल ही में एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि बिना जांच के फोन खरीदना खतरनाक साबित हो सकता है. अगर आप बिना वेरिफिकेशन के कोई डिवाइस खरीद लेते हैं, तो यह चोरी का, क्लोन किया हुआ या नकली भी हो सकता है. ऐसे फोन बाद में नेटवर्क से ब्लॉक हो सकते हैं, ठीक से काम करना बंद कर सकते हैं या फिर आपको कानूनी परेशानी में भी डाल सकते हैं. इसलिए नया फोन खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि उसकी सच्चाई जानना भी उतना ही जरूरी है.

IMEI नंबर चेक करना क्यों है सबसे जरूरी

सरकार की सलाह के मुताबिक, नया फोन खरीदते समय सबसे पहला कदम उसका IMEI नंबर चेक करना होना चाहिए. IMEI एक यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान होता है. आपको फोन के बॉक्स पर लिखा IMEI नंबर और फोन में दिखने वाला IMEI नंबर आपस में मैच करना चाहिए. अगर दोनों नंबर अलग-अलग हैं, तो इसका मतलब है कि फोन के साथ छेड़छाड़ की गई है या वह क्लोन हो सकता है. आप अपने फोन में *#06# डायल करके आसानी से IMEI नंबर देख सकते हैं. यह छोटा सा स्टेप आपको बड़ी परेशानी से बचा सकता है.

ऑफिशियल वेबसाइट पर वेरिफिकेशन कैसे करें

IMEI नंबर चेक करने के बाद अगला जरूरी कदम है उसे सरकारी वेबसाइट पर वेरिफाई करना. इसके लिए आप CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे दूरसंचार विभाग द्वारा मैनेज किया जाता है. यहां आपको IMEI नंबर डालना होता है, CAPTCHA भरना होता है और OTP के जरिए कन्फर्म करना होता है. इसके बाद आपको पता चल जाता है कि आपका फोन असली है या चोरी का है. इसके अलावा imei.info या Swappa जैसी वेबसाइट्स पर भी आप अतिरिक्त जांच कर सकते हैं, जिससे आपको पूरी तरह से भरोसा हो सके कि आपका फोन सुरक्षित है.

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सस्ता डील क्यों बन सकता है खतरा?

कई बार लोग कम कीमत देखकर जल्दी में फोन खरीद लेते हैं, लेकिन यही गलती उन्हें नुकसान में डाल सकती है. अगर कोई फोन मार्केट रेट से बहुत सस्ता मिल रहा है, तो यह शक की बात हो सकती है. ऐसे में यह फोन चोरी का, रिफर्बिश्ड या क्लोन हो सकता है. इसलिए हमेशा भरोसेमंद दुकानों या अधिकृत विक्रेताओं से ही फोन खरीदना चाहिए. साथ ही, खरीदारी के बाद बिल और बॉक्स को संभालकर रखना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई समस्या होने पर आपके पास सबूत हो.

इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है कि स्मार्टफोन खरीदना सिर्फ एक शॉपिंग नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है. अगर आप थोड़ी सी सावधानी बरतते हैं, जैसे IMEI चेक करना, ऑफिशियल साइट पर वेरिफिकेशन करना और सही जगह से खरीदारी करना, तो आप किसी भी तरह के फ्रॉड से बच सकते हैं. 

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