ट्रैवल एजेंसी जारी कर रही है फर्जी वीजा, सऊदी अरब पहुंचने के बाद फंस गया अजमेर का एक परिवार

दम्मम जा रहा एक परिवार अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान गंभीर परेशानी में फंस गया. मां और दो बेटियां फैमिली टूर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दम्माम पहुंचीं, लेकिन वहां इमिग्रेशन जांच के दौरान उनका वीजा फर्जी बताया गया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सऊदी अरब पहुंचने पर फेक वीजा का खुलासा
Rajasthan:

देश में कई ऐसे फर्जी ट्रैवल एजेंसी खोले जा रहे हैं जो विदेश जाने वाले यात्रियों को निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि फर्जी वीजा जारी कर विदेश भेजा जा रहा है, जबकि कुछ लोगों को विदेश पहुंचने के बाद पता चलता है कि उनके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है. ऐसा ही एख मामला राजस्थान के अजमेर से आया है. जहां पहाड़गंज क्षेत्र से सऊदी अरब के दम्मम जा रहा एक परिवार अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान गंभीर परेशानी में फंस गया. मां और दो बेटियां फैमिली टूर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से दम्माम पहुंचीं, लेकिन वहां इमिग्रेशन जांच के दौरान उनका वीजा फर्जी बताया गया. इसके बाद सऊदी अरब एयरपोर्ट प्रशासन ने तीनों को 24 घंटे तक पुलिस कस्टडी में रखा और सभी दस्तावेज जब्त कर लिए. 

पूछताछ और जांच के बाद परिवार को डिपोर्ट करते हुए रिटर्न टिकट पर भारत भेज दिया गया. इस घटना से परिवार को मानसिक आघात के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा.

अपमान का आरोप रोते हुए प्रशासन से लगाई गुहार

भारत लौटने के बाद पीड़ित युवती काजल अपनी मां और बहन के साथ अजमेर में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची. उन्होंने एसपी के नाम ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि ट्रैवल एजेंसी और संबंधित लोगों ने फर्जी वीजा उपलब्ध कराया, जिसके कारण उन्हें विदेश में अपमान और कस्टडी का सामना करना पड़ा. काजल ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बोर्डिंग पास जारी किया गया था और इंटरनेशनल फ्लाइट में बैठाया गया, लेकिन दम्माम पहुंचते ही वीजा को फर्जी बता दिया गया. परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उन्हें दोबारा सऊदी अरब भेजने की मांग की है.

वीजा नियमों की अनदेखी बनी परेशानी की जड़

विशेषज्ञों के अनुसार सऊदी अरब जाने के लिए वैध पासपोर्ट के साथ अधिकृत पोर्टल से जारी ई-वीजा, फैमिली या विजिट वीजा अनिवार्य होता है. वीजा पर क्यूआर कोड, वीजा नंबर, वैधता अवधि और स्पॉन्सर का स्पष्ट उल्लेख होना जरूरी है. इसके अलावा ट्रैवल एजेंसी का अधिकृत होना भी आवश्यक है. नियमों के तहत बिना वैध वीजा या फर्जी दस्तावेजों पर यात्रा करने पर संबंधित व्यक्ति को डिपोर्ट किया जा सकता है. इस मामले में प्रथम दृष्टया वीजा प्रक्रिया में भारी लापरवाही या धोखाधड़ी सामने आ रही है, जिसकी जांच की मांग अब प्रशासन से की गई है.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारत-पाक बॉर्डर के पास मिला संदिग्ध गुब्बारा, जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

Featured Video Of The Day
सीट को लेकर बस में भिड़ी महिलाएं, जमकर चले लात-घूंसे, तभी आ गया पुलिसवाला