5 लाख लेकर पति- पत्नी बनते थे 'डमी कैडिडेट, खुद भी धोखाधड़ी से बने थे शिक्षक; 'बंटी-बबली' की क्राइम कुंडली खुली

Rajasthan News: राजस्थान SOG ने 25000 के इनामी मास्टरमाइंड राजेश कुमार रेवाड़ को गिरफ्तार किया. जानें कैसे फर्जी शिक्षक बनकर इस 'बंटी-बबली' जोड़ी ने ब्लूटूथ और डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा में धांधली की थी.

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राजेश कुमार रेवाड़, आरोपी
NDTV

Rajasthan SOG Action:  राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने परीक्षा धांधली के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने 25,000 के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे मास्टरमाइंड राजेश कुमार रेवाड़ को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है. राजेश और उसकी पत्नी बबीता रेवाड़ को राजस्थान के शिक्षा और परीक्षा जगत का 'बंटी-बबली' कहा जा रहा है, जिन्होंने ब्लूटूथ और डमी कैंडिडेट के जरिए न केवल खुद फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी हासिल की, बल्कि करोड़ों का काला कारोबार भी फैलाया.

राजेश और बबीता की 'क्राइम हिस्ट्री'

राजेश और उसकी पत्नी का अपराध का तरीका बेहद शातिर और संगठित था. ADG (SOG) विशाल बंसल के अनुसार, इनका रिकॉर्ड राजस्थान की कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं को कलंकित कर चुका है. हैरानी की बात यह है कि राजेश और बबीता दोनों द्वितीय श्रेणी शिक्षक (2nd Grade Teacher) के रूप में कार्यरत थे. जांच में खुलासा हुआ कि साल 2022 में दोनों ने धोखाधड़ी और नकल के जरिए  सेकंड ग्रेड टीचर बन सरकारी नौकरी हासिल की थी. डमी कैंडिडेट में नाम उजागर होने के बाद विभाग द्वारा दोनों को बर्खास्त किया जा चुका है.

डमी कैंडिडेट और ब्लूटूथ का जाल

राजेश और उसकी पत्नी सरकारी नौकरी लगने के बावजूद भी दोनों 5-7 लाख रुपये के लालच में डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देते थे. दोनों पढ़ाई में औसत होने के बावजूद पोरव कालेर गैंग की मदद से पेपर सॉल्व करते थे. राजेश खुद दूसरों की जगह परीक्षा देने (डमी कैंडिडेट) जाता था और अपनी पत्नी को परीक्षा देने भेजता था. 

पूछताछ में पता चला कि दोनों पोरव कलेर गैंग के साथ मिलकर पूरी परीक्षा के दौरान मोबाइल और ब्लूटूथ के जरिए संपर्क में रहे. परीक्षा केंद्र पर पोरव कलेर गैंग का एक सदस्य दोनों को ब्लूटूथ के जरिए गाइड करता था. दोनों परीक्षा का पेपर सॉल्व करने के बाद परीक्षा केंद्र से सबकी नजर बचाकर भाग जाते थे. हालांकि, उनसे पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने डमी के तौर पर और कितनी भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लिया था.

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राजेश और उसकी पत्नी की क्रइम कुंडली को समझिए
Photo Credit: Meta AI

किन- किन परीक्षाओं में करवाई थी नकल

ADG विशाल बंसल ने बताया कि फिलहाल पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि  उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के जरिए लिपिक ग्रेड-द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती के लिए आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, 2022. दिनांक 12.03.2023 एवं दिनांक 19.03.2023 को आयोजित में  आरोपी राजेश कुमार रेवाड ने जयपुर के परीक्षा केन्द्र नेहरू ज्योति सी. सै.स्कूल में डमी कैडिडेट के तौर पर एग्जाम दिया था.

राजेश पत्नी को भी डमी कैंडिडेट बनाकर परीक्षा केंद्रों पर था भेजता

पूछताछ में आगे बताया कि राजेश केवल खुद ही इस दलदल में नहीं था, बल्कि अपनी पत्नी बबीता को भी डमी कैंडिडेट बनाकर केंद्रों पर भेजता था. बबीता को 2022 में ही ब्लूटूथ से नकल के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था और वह फिलहाल जेल में है। राजेश पिछले 1.5 साल से फरार चल रहा था.

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 पौरव कालेर के साथ मिलकर करवाते थे नकल

राजेश रेवाड़ का सीधा संपर्क राजस्थान के कुख्यात नकल माफिया पौरव कालेर और उसके चाचा तुलछा राम से था. यह गैंग राजस्थान में 6 से अधिक भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने के लिए जिम्मेदार रहा है. पौरव कालेर सालासर से फोन के जरिए राजेश को जयपुर के केंद्रों (जैसे नेहरू ज्योति सी. सै. स्कूल) में उत्तर बताता था.

सक्रिय नकल गिरोहों के लिंक खुलने की संभावना

SOG फिलहाल राजेश कुमार रेवाड़ को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. अधिकारियों को अंदेशा है कि राजेश ने अन्य कई परीक्षाओं में भी डमी कैंडिडेट के रूप में शिरकत की होगी. इस गिरफ्तारी से राजस्थान में सक्रिय अन्य नकल गिरोहों के लिंक खुलने की भी संभावना है.

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