मेहंदीपुर बालाजी क्षेत्र में लावारिस मिली एक मासूम बच्ची आज नई उम्मीदों के साथ फ्रांस चली गई. दौसा के राजकीय विशेषज्ञ दत्तकग्रहण अभिकरण में रह रही 'परी' को फ्रांस की दत्तक माता ने गोद लिया था. कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वह फ्रांस रवाना हो गई. जिला प्रशासन और अभिकरण के अधिकारियों ने भावुक माहौल में बच्ची को नई जिंदगी के लिए शुभकामनाओं के साथ विदा किया.
जिला कलक्टर ने दिया गिफ्ट
जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने फ्रांस से आई दत्तक माता और बालिका से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं. उन्होंने बच्ची को गिफ्ट दिया. दत्तक माता से समय-समय पर फॉलोअप रिपोर्ट भेजने, उसके बेहतर पालन-पोषण और उज्ज्वल भविष्य को लेकर चर्चा की. इस अवसर पर प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ऐश्वर्या जगरवाल और अभिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे.
कानूनी प्रक्रिया के बाद मिला नया परिवार
जिला कलक्टर ने किशोर न्याय अधिनियम 2015 (संशोधित 2022) और केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के नियमों के अनुसार, इस साल अंतरदेशीय दत्तकग्रहण के आदेश जारी किए थे. सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फ्रांस की एकल दत्तक माता ने कारा के पोर्टल के माध्यम से बालिका को अपनाया.
फ्रांसीसी महिला ने बच्ची को लिया गोद
पुलिस को तीन साल पहले परी (बदला नाम) मेहंदीपुर बाला जी में मिली थी. जब उसके माता-पिता का पता नहीं चला तो उसे राजकीय विशेषज्ञ दत्तकग्रहण अभिकरण पहुंचा दिया. फ्रांसीसी महिला इनके पोर्टल से बच्ची को गोद लिया. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परी को फ्रांसीसी मां को सौंप दिया गया है. परी फ्रांस चली गई, अब वहीं पर रहेगी.
परी फ्रांस चली गई
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक विश्व देव ने बताया कि हेग अभिसमय-1993 और जेजे एक्ट के प्रावधानों के तहत यह पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई. उन्होंने बताया कि एनआरआई ओसीआई कार्डधारक और विदेशी नागरिक अधिकृत विदेशी दत्तकग्रहण अभिकरण के माध्यम से बच्चों को कानूनी रूप से गोद ले सकते हैं. राजकीय विशेषज्ञ दत्तकग्रहण अभिकरण के अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह दौसा जिले से विदेश में हुआ पहला अंतरदेशीय दत्तकग्रहण है. परी फ्रांंस चली गई.
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