Bundi News: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बूंदी में (Madan Dilawar Bundi Visit) एक ऐसा बयान दिया है जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है. गुरुवार को स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा अनावरण के दौरान दिलावर ने न केवल जातिवाद के ठेकेदारों को आईना दिखाया है, बल्कि 150 कर्मचारियों को सीधे बर्खास्त करने की बात भी कही है. दिलावर ने साफ कर दिया है कि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में 'दोहरे चरित्र' वाले लोगों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है. उनका कहना है कि एक सच्चा हिंदूवादी सिद्धांतों के लिए जान दे सकता है, लेकिन मूल्यों से समझौता कभी नहीं करेगा.
'मंच पर साथ बैठते हैं गाय काटने वाले'
मंत्री दिलावर ने सार्वजनिक जीवन में दोहरा मापदंड रखने वालों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि कई बार मंचों पर ऐसे लोग भी साथ खड़े नजर आते हैं जिनकी असल छवि समाज के सामने अलग है. उन्होंने गाय को कटवाने वालों को 'दोगला' करार देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे लोगों को पहचानना जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदूवादी विचारधारा केवल दिखावा नहीं है, बल्कि यह सिद्धांतों और मूल्यों की रक्षा का संकल्प है.
'शबरी के बेर और निषाद राज' की मिसाल
दिलावर ने समाज में जहर घोल रहे जातिवाद और छुआछूत पर भी करारी चोट की. उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मर्यादा पुरुषोत्तम ने खुद शबरी के बेर खाकर और निषाद राज को गले लगाकर ऊंच-नीच मिटा दी, तो हम भेदभाव करने वाले कौन होते हैं. उन्होंने उन विदेशी ताकतों और स्वार्थी तत्वों को भी ललकारा जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर देश की नींव कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं.
'अब तक 150 कर्मचारी सीधे बर्खास्त'
सिर्फ भाषण ही नहीं, मंत्री दिलावर एक्शन मोड में भी नजर आए. उन्होंने खुलासा किया कि शिक्षा विभाग में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले करीब 150 कर्मचारियों को अब तक बर्खास्त किया जा चुका है. उन्होंने साफ संदेश दिया कि राजस्थान अब शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में है और यहां कामचोरी या भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है.
स्वदेशी का मंत्र, आत्मनिर्भरता की अपील
आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को 'स्वदेशी' अपनाने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि घरों और दफ्तरों में स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल ही देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा. गौ-सेवा पर उन्होंने सुझाव दिया कि हर नागरिक को अपने घर में गाय पालनी चाहिए ताकि गौशालाओं पर निर्भरता कम हो और पशुओं की सेवा बेहतर हो सके.














