दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले की साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट के मुख्य सरगना और ऑपरेटर अबास खान को राजस्थान के मेवात इलाके से गिरफ्तार किया है. आरोपी लंबे समय से लोगों को सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर उनसे पैसे ऐंठने का काम कर रहा था. पुलिस ने उसके पास से एक 'आईफोन 14 प्रो' मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल वह व्हाट्सऐप कॉल और फेसबुक चैट के जरिए ठगी करने के लिए करता था.
ऐसे शुरू हुआ ठगी का खेल
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के एक व्यक्ति की शिकायत से हुई थी. पीड़ित ने बताया कि उसे फेसबुक पर एक लड़की के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी. बातचीत के दौरान उस कथित लड़की ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और फिर व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल की. कॉल के दौरान अचानक एक अश्लील वीडियो चलाया गया, जिसे देखकर पीड़ित ने तुरंत कॉल काट दी.
इसके तुरंत बाद उसे धमकी भरे मैसेज आने लगे कि उसकी वीडियो रिकॉर्ड कर ली गई है. आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा. लोक-लाज के डर से पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 2 लाख 52 हजार रुपये आरोपी के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस का 'ऑपरेशन मेवात'
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया और सघन जांच शुरू की गई. इस केस को सुलझाने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी जांच, डिजिटल फुटप्रिंट्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बैंक खातों की गहन जानकारी खंगाली. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फर्जी फेसबुक और व्हाट्सऐप अकाउंट बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था और पैसे 'म्यूल खातों' (किराये के बैंक खाते) के जरिए ट्रांसफर करवाता था.
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क के तार मेवात इलाके से जुड़े हुए हैं. इसके बाद पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से वहां छापेमारी की योजना बनाई. चूंकि यह इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है और पहले भी यहाँ पुलिस टीमों पर हमले और पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए ऑपरेशन को अत्यंत सावधानी और तेजी से अंजाम दिया गया. पुलिस ने सुबह-सुबह छापेमारी कर अबास खान को दबोच लिया.
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसके गांव के कई युवक इस तरह की साइबर ठगी में शामिल हैं. वह खुद लड़कियों के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाता था और पुरुषों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था. जैसे ही कोई रिक्वेस्ट स्वीकार करता, वह उसे व्हाट्सऐप पर ले आता और फिर वीडियो कॉल के जरिए पहले से रिकॉर्ड की गई अश्लील वीडियो दिखाकर उसका स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेता था. इसके बाद वह उसी वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलता था.
फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
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