चापलूसी और परिक्रमा से कांग्रेस में नहीं मिलेगा टिकट, राहुल गांधी का बैठक में मैसेज

राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को जमीन पर मजबूती से काम करने की सख्त हिदायत दी. शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस तपस्या में विश्वास करती है.

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पुष्कर में आयोजित कांग्रेस शिविर को राहुल गांधी ने संबोधित किया.

राजस्थान के पुष्कर में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के आखिरी दिन अलग नजारा देखने को मिला. 10 दिन के प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान और दिल्ली के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी गई. आखिरी दिन जब राहुल गांधी सभी नवनियुक्त जिला अध्यक्षों से मिलने पहुंचे तो सख्त हिदायत भी दे डाली. उन्होंने अपने मैसेज को एक नाटक के जरिए समझाया. मंच पर मौजूद कांग्रेस नेताओं से अलग-अलग भूमिकाएं निभाने को कहा गया. कुछ नेताओं को टिकट मांगने वालों की भूमिका दी गई, जो प्रदेशाध्यक्ष के चारों ओर परिक्रमा करते दिखे. वहीं, कई कार्यकर्ताओं को चापलूसी करने का नाटक करने को कहा गया.

पूर्व मंत्री ने खींची कुर्सी, डोटासरा ने दिया आशीर्वाद 

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने साफ किया कि वो इस कल्चर को खत्म करना चाहते हैं. साथ ही कहा कि टिकट पाने के लिए चापलूसी और परिक्रमा की प्रवृत्ति पार्टी को कमजोर कर रही है और इसे समाप्त करने की जरूरत है. नाटक के दौरान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को एक कुर्सी पर आशीर्वाद देने की मुद्रा में खड़ा होने के लिए कहा गया. कुछ नेताओं को उनके सामने प्रणाम करने या चापलूसी करने की मुद्रा में खड़े होने को कहा. नेताओं के बीच होने वाली खींचतान को समझाने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री रामलाल जाट से उनकी कुर्सी खींचने को कहा गया. मैसेज साफ था कि पद पाने के लिए लोग किस तरह दंडवत हो जाते हैं. इसके बाद पूछा कि क्या इतनी गिरावट दिखाने वाले नेताओं को जनता वोट देगी?

कांग्रेस की शिव और बीजेपी की विष्णु से तुलना  

कांग्रेस की तुलना शिव और बीजेपी की तुलना विष्णु से करते हुए कहा कि शिव सादगी, तपस्या और निडरता का प्रतीक हैं, जबकि विष्णु वैभव और संसाधनों से जुड़े हैं. कांग्रेस को शिव की तरह सादगी, शांति और समर्पण के मार्ग पर चलना चाहिए, जहां सभी को समान स्थान और सम्मान मिले. शिवजी सिखाते हैं कि डरो मतय सभी को सम्मान दो. भौतिक सुख सुविधा, धन, संपदाओं से दूर रहो और सादगी में रहो. कांग्रेस तपस्या में विश्वास करती है और भाजपा पूजा को महत्व दे रही है.

कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में राजस्थान और दिल्ली के जिलाध्यक्षों ने हिस्सा लिया.

विराट कोहली का भी दिया उदाहरण 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने क्रिकेटर विराट कोहली का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि विराट कोहली की सफलता उनकी मेहनत और तपस्या का परिणाम है. कांग्रेस को मेहनत और समर्पण की राजनीति पर ध्यान देना चाहिए. बीजेपी केवल ध्यान आकर्षित करने की राजनीति कर रही है. 

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