Jodhpur News: यौन उत्पीड़न के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम (Asaram Bapu) का जेल से बाहर रहने का समय अब खत्म होने को है. 29 अक्टूबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) से मिली 6 महीने की अंतरिम जमानत की मियाद कल (29 अप्रैल 2026) को पूरी हो रही है. ऐसे में जेल वापसी के खतरे को देखते हुए आसाराम की ओर से जमानत अवधि को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार (28 अप्रैल 2026) को हाईकोर्ट में नया प्रार्थना पत्र पेश किया गया है.
बीमारी और इलाज का दिया गया हवाला
आसाराम के वकीलों ने अपने आवेदन में चल रहे मेडिकल इलाज का जिक्र किया है. उनका तर्क है कि 86 वर्षीय आसाराम अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं और उनका इलाज जारी है, इसलिए उन्हें दी गई इस अंतरिम जमानत को और आगे बढ़ाया जाए. इस अहम आवेदन पर कल यानी 29 अप्रैल को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में सुनवाई होगी.
क्यों मिली थी 6 महीने की मोहलत?
पिछले साल 29 अक्टूबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच ने आसाराम को यह बड़ी राहत दी थी. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत की दलीलों को सुनने के बाद, कोर्ट ने आसाराम की बढ़ती उम्र (86 वर्ष) और प्रोस्टेट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को आधार बनाते हुए इलाज के लिए 6 महीने की अंतरिम जमानत मंजूर की थी. इससे पहले 7 अक्टूबर 2025 को तकनीकी कारणों से उन्हें राहत नहीं मिल पाई थी और प्राइवेट अस्पताल से वापस जोधपुर सेंट्रल जेल लौटना पड़ा था.
अंतिम फैसले का है इंतजार
बताते चलें कि आसाराम के मुख्य केस में राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब कोर्ट का अंतिम फैसला कभी भी आ सकता है. ऐसे में कल होने वाली सुनवाई आसाराम के लिए बेहद निर्णायक होगी. यह देखना अहम होगा कि क्या कल कोर्ट आसाराम को इलाज के लिए और वक्त देता है, या फिर उन्हें वापस जोधपुर सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा?
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