आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 19 मई 2026 के आदेश को लागू करने का फैसला किया है. इसके तहत भीड़भाड़ वाले इलाकों से कुत्तों को हटाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा.
भीड़भाड़ वाले इलाकों पर फोकस
सरकार के मुताबिक, हाई फुटफॉल वाले सार्वजनिक स्थानों, जैसे बाजार, पार्क और रिहायशी कॉम्प्लेक्स से आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा. इसका उद्देश्य आम लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है.
शेल्टर्स में होगा रखरखाव
हटाए गए कुत्तों के लिए पर्याप्त संख्या में डॉग शेल्टर बनाए और संचालित किए जाएंगे. इन जगहों पर उनकी देखभाल, इलाज और भोजन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मानवीय तरीके से समस्या का समाधान हो सके.
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गंभीर मामलों में कानूनी कदम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेबीज से संक्रमित या अत्यधिक आक्रामक कुत्तों के मामलों में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर, तय नियमों के मुताबिक इच्छामृत्यु (Euthanasia) का विकल्प भी अपनाया जा सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई
राज्य सरकार का कहना है कि सभी कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों, Prevention of Cruelty to Animals Act और ABC नियमों के दायरे में ही उठाए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों का संतुलन बना रहे.














