पंजाब: कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेता 'हाथ' का साथ छोड़कर बीजेपी में हुये शामिल

पंजाब (Punjab) के चार बड़े कांग्रेसी नेता आज केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) की मौजूदगी में बीजेपी (BJP) में शामिल हो गये. इनके साथ ही अन्य नेता भी बीजेपी में शामिल हुये हैं.

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पूर्व कांग्रेस नेता बलवीर सिंह सिंधू गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करते हुए. (फोटो ANI)
चंडीगढ़:

पंजाब (Punjab) में आज एक बार फिर कांग्रेस (Congress) पार्टी को बड़ा झटका देते हुए चार वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्री ने बीजेपी (BJP) का दामन थाम लिया.  भाजपा में शामिल हुए इन नेताओं में राजकुमार वेरका, बलबीर सिंह सिद्धू, सुंदर शाम अरोड़ा और गुरप्रीत सिंह कांगड़ शामिल हैं. बरनाला से कांग्रेस के पूर्व विधायक केवल ढिल्लों और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला और मोहिंदर कौर जोश ने भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का ज्वॉइन किया है. इसके बाद कई नेताओं ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.

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वह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सोमप्रकाश, पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख अश्विनी शर्मा और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं-दुष्यंत गौतम, तरुण चुग, सुनील जाखड़ और मनजिंदर सिंह सिरसा की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए.मोहाली से तीन बार विधायक रहे बलबीर सिद्धू पिछली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे चुके हैं, जबकि रामपुरा फूल से तीन बार विधायक रहे गुरप्रीत कांगड़ राजस्व मंत्री थे.

वेरका, माझा क्षेत्र के प्रमुख दलित नेता हैं और तीन बार विधायक भी रह चुके हैं. वह पिछली सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री थे. होशियारपुर के पूर्व विधायक सुंदर शाम अरोड़ा पिछली कांग्रेस सरकार में उद्योग और वाणिज्य मंत्री थे. वहीं बलबीर सिद्धू के भाई एवं मोहाली के महापौर अमरजीत सिंह सिद्धू भी भाजपा में शामिल हो गए.

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2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 18 सीटों पर सिमटी
पंजाब में 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को रिकार्ड पूर्ण बहुमत मिला. वहीं सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को कुर्सी गंवानी पड़ी थी. 2022 के चुनाव में 117 में से आम आदमी पार्टी को 92 सीटें मिलीं थीं. वहीं कांग्रेस को 18 सीटों पर सिमटना पड़ा था. इसके दूसरी ओर देखें तो कांग्रेस पार्टी में चुनाव से पहले से ही नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच टकराव चल रहा था. इसके चलते अमरिंदर सिंह को सीएम की कुर्सी तक गंवानी पड़ी थी. 

चन्नी के सीएम बनने के बाद भी कांग्रेस में अंतर्कलह जारी रही 
दिल्ली में बैठी कांग्रेस शीर्ष आला कमान ने पंजाब में सीएम की कुर्सी पर चरणजीत सिंह चन्नी को बैठा दिया, जिसके बाद भी कांग्रेस के भीतर मची कलह खत्म नहीं हुई. आखिरकार पंजाब में कांग्रेस को कुर्सी गंवानी पड़ी. इसके बाद कांग्रेस में भविष्य अंधकारमय देखकर कांग्रेस के बड़े नेता दूसरी पार्टियों में शामिल हो रहे हैं.    

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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