- प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार बने
- बोरदोलोई ने कांग्रेस में अपमान का अनुभव बताया और भाजपा के सकारात्मक कार्यों को कारण माना
- असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और भाजपा के अन्य नेता बोरदोलोई के पार्टी में शामिल होने पर उपस्थित थे
कांग्रेस से से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम चुके हैं. कांग्रेस से अपनी राह अलग करने के बाद अप्रद्युत बोरदोलोई पहली बार गुवाहाटी के बेसिस्था स्थित बाजपेयी भवन पहुंचे, जहां उन्होंने दिसपुर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार का आधिकारिक नामांकन पत्र लिया. इस मौके पर उनकी मौजूदगी को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.
चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका
प्रद्युत बोरदोलोई से पहले भी कांग्रेस के एक और नेता भूपेन वोरा कांग्रेस छोड़ चुके हैं. कहने का मतलब है कि असम कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.बोरदोलोई पुराने कांग्रेसी थे.1978 में असम में एनएसयूआई के अध्यक्ष रहे फिर 1998 से 2016 तक चार बार विधायक रहे और 2019 और 2024 में लोकसभा का चुनाव जीते मगर अब कांग्रेस छोड़ रहे है कह रहे हैं कि पार्टी में मेरा अपमान हो रहा है. कांग्रेस को छोड़ते वक्त बोरदोलोई ने कहा था कि मैंने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक को छोड़ दिया है और इसके लिए मैं खुश नहीं हूं. लेकिन मैंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कांग्रेस पार्टी, विशेष रूप से असम कांग्रेस के भीतर, मुझसे संपर्क करने वाले लोग मुझे बार-बार अपमानित कर रहे थे.
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क्यों छोड़ दिया कांग्रेस का साथ
पांच दशक से अधिक समय तक कांग्रेस सदस्य रहे बोरदोलोई ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों से उन्हें पार्टी में अपमान का सामना करना पड़ रहा था, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सकारात्मक कार्यों ने उन्हें सत्तारूढ़ दल को चुनने के लिए प्रेरित किया. असम के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा था भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बोरदोलोई के पार्टी में शामिल होने को मंगलवार को मंजूरी दी. हमारे प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने उनका पार्टी में स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि 1975 से कांग्रेस सदस्य रहे बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत, विकसित असम' के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिलेगी.
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खरगे को भेजा था इस्तीफा
दो बार के सांसद और चार बार के विधायक बोरदोलोई ने मंगलवार शाम को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा था. वह असम सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. वह असम विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भी थे. असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और एआईसीसी में असम के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह मंगलवार देर शाम बोरदोलोई से मिलने पहुंचे थे, लेकिन स्पष्ट है कि वे उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मनाने में असफल रहे. बोरदोलोई के बेटे प्रतीक को असम विधानसभा में कांग्रेस ने मार्गेरिटा सीट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है.














