आगजनी, सड़क जाम, हिंसक प्रदर्शन और दहशत...दो बच्चों की मौत के बाद फिर सुलगा मणिपुर, जानें कैसे हालात

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बम हमले में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए. इस घटना से गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर टायर और ट्रक जलाए, पुलिस स्टेशन के सामने आगजनी की गई. तनाव को देखते हुए सरकार ने इम्फाल घाटी के पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं तीन दिन के लिए बंद कर दी हैं.

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मणिपुर में बम हमले में दो बच्चों की मौत
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  • बिष्णुपुर जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने घर पर बम फेंककर दो बच्चों की मौत और मां को गंभीर रूप से घायल
  • हमले के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन किया और मुख्य मार्गों पर टायर जलाकर जाम लगाया
  • भीड़ ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के कैंप पर हमला कर वाहनों को आग के हवाले किया, फायरिंग में चार लोग घायल हुए
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मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मंगलवार तड़के हुए एक दिल दहला देने वाले बम हमले ने पूरे इलाके को दहशत और गुस्से की आग में झोंक दिया. इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया. हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने इम्फाल घाटी के पांच जिलों में तीन दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं.

घर पर फेंका गया बम, नींद में थे बच्चे

पुलिस के मुताबिक, यह घटना मंगलवार रात करीब 1 बजे मोइरांग के ट्रोंगलाओबी आवांग लेइकाई इलाके में हुई. जहां संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंका, जो अंदर जाकर फट गया. उस समय घर के एक कमरे में पांच साल का लड़का, छह महीने की बच्ची और उनकी मां सो रहे थे. धमाके में दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मां घायल हो गई. विस्फोट से घर के अंदर भी भारी नुकसान हुआ और सामान बिखरा पड़ा रहा.

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हमले के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

इस हमले के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. सुबह होते ही लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने इम्फाल‑टिडिम रोड को कई जगहों पर जाम कर दिया. सड़कों पर टायर जलाए गए, जिससे मुख्य मार्गों पर आग का धुआं उठता रहा. गुस्साए लोगों ने कम से कम तीन ट्रकों और दो तेल टैंकरों को आग के हवाले कर दिया. मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने भी टायर जलाए गए और एक अस्थायी पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की गई. एएनआई के वीडियो में सड़कों पर जलते टायर, सुलगते ट्रक, आग की लपटें और बिखरा हुआ घरेलू सामान साफ देखा जा सकता है.

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सुरक्षा बलों के कैंप पर भी हमला, फायरिंग में चार घायल

तनाव उस वक्त और बढ़ गया, जब एक उग्र भीड़ ने ट्रोंगलाओबी से करीब 200 मीटर दूर स्थित केंद्रीय सुरक्षा बलों के एक कैंप पर धावा बोल दिया. अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ ने कैंप में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और वहां खड़े कई वाहनों को आग लगा दी. हालात बेकाबू होने पर फायरिंग हुई, जिसमें कम से कम चार लोग घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि गोली किसने और कहां से चलाई. इससे पहले बिष्णुपुर में पुलिस बम निरोधक दस्ते ने एक स्थानीय स्तर पर बनाए गए मोर्टार शेल को भी निष्क्रिय किया था.

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इम्फाल घाटी में जनजीवन ठप, इंटरनेट बंद

दो बच्चों की मौत के बाद इम्फाल घाटी के जिलों में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. सुरक्षा कारणों से दुकानों, बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया. इम्फाल ईस्ट और इम्फाल वेस्ट के कई इलाकों में लोगों ने टायर जलाकर विरोध जताया. बिष्णुपुर जिले और इम्फाल से मोइरांग जाने वाले रास्ते पर, खासकर महिलाओं ने सुरक्षा बलों की आवाजाही रोक दी. बिगड़ते हालात और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए मणिपुर सरकार ने सख्त कदम उठाया है. गृह आयुक्त एन. अशोक कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इम्फाल वेस्ट, इम्फाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में ब्रॉडबैंड, मोबाइल डेटा, वी‑सैट और वीपीएन सहित सभी इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों के लिए निलंबित कर दी गई हैं. सरकार ने कहा है कि यह फैसला कानून‑व्यवस्था बनाए रखने और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है.

मुख्यमंत्री ने बताया ‘बर्बर कृत्य', सख्त कार्रवाई का भरोसा

मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इस हमले को “बर्बर और अमानवीय कृत्य” करार दिया. उन्होंने इम्फाल के एक निजी अस्पताल जाकर घायल महिला की हालत देखी और अधिकारियों को बेहतर इलाज और हरसंभव मदद के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में शांति बहाल करने की कोशिशों के बीच ऐसे हिंसक कृत्य जानबूझकर हालात बिगाड़ने के लिए किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने, हिंसा से दूर रहने और बंद, सड़क जाम व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की है.

संवेदनशील इलाका, सुरक्षा बढ़ाई गई

ट्रोंगलाओबी आवांग लेइकाई गांव पहाड़ी चुराचांदपुर जिले के पास स्थित है, जहां कुकी‑जो समुदाय रहता है. यह इलाका पहले भी हिंसा से प्रभावित रहा है और इसे संवेदनशील माना जाता है. ताजा घटना के बाद बिष्णुपुर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हालांकि सुरक्षा बल हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बिष्णुपुर और इम्फाल घाटी के कई इलाकों में तनाव बना हुआ है. दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

(एएनआई इनपुट्स के साथ)

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