- ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी में एक महिला लिफ्ट में करीब 20 मिनट तक फंसी रही.
- महिला को लिफ्ट में तेज गर्मी और घुटन के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी स्थिति स्थिर बताई गई.
- सोसाइटी के एओए अध्यक्ष ने बताया कि रामनवमी के दिन 10 बच्चों सहित 12 लोग 45 मिनट लिफ्ट में फंसे रहे थे.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राइड सोसाइटी में लिफ्ट खराब होने का एक और मामला सामने आया है. एक महिला करीब 20 मिनट तक सोसाइटी की लिफ्ट में फंसी रही. लिफ्ट के अंदर तेज गर्मी और घुटन के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहला मामला नहीं है. इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.
जानकारी के अनुसार, बी‑10/14 टावर में रहने वाली महिला रोज की तरह लिफ्ट से जा रही थी. इसी दौरान लिफ्ट 10वें और 6वें फ्लोर के बीच अचानक बंद हो गई और वह अंदर फंस गई. महिला ने काफी देर तक मदद का इंतजार किया. करीब 20 मिनट बाद सोसाइटी के लोगों की मदद से लिफ्ट खोलकर महिला को बाहर निकाला गया. हालांकि लिफ्ट से बाहर निकलते ही महिला बेहोश हो गई. मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें पानी पिलाया और प्राथमिक मदद दी. इसके बाद महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है.
रामनवमी के दिन 10 बच्चों सहित फंस गए थे 12 लोग
सोसायटी के एओए अध्यक्ष सीमा भंडारी ने बताया कि लिफ्ट में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण महिला को घुटन और तेज गर्मी का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई. बाहर निकलने के बाद उन्हें तुरंत राहत मिली. उन्होंने बताया कि यह घटना पहली बार नहीं है कि जब लिफ्ट में खराबी आई हो. इससे पहले रामनवमी के दिन भी 10 बच्चों सहित 12 लोग करीब 45 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे थे. उसे समय भी काफी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकल गया था. उन्होंने कहा कि लगातार पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी गई है, लेकिन बिल्डर पर इसका कोई असर नहीं है.
बार-बार लिफ्ट खराब होने से बढ़ रही लोगों की नाराजगी
बार-बार लिफ्ट खराब होने की घटनाओं से सोसाइटी के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि मेंटिनेंस में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है. लोगों का कहना है कि लिफ्ट जब से लगी है इसका मेंटेनेंस एक बार भी सही तरीके से नहीं किया गया है, ना ही लिफ्ट की नियमित जांच कराई जाती है. उन्होंने कहा कि सोसाइटी में रहने वाले लोग हर महीने लाखों रुपए का मेंटेनेंस शुल्क अदा कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है.














