- मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में अतिक्रमण हटाने के प्रयास के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम पर पथराव हुआ.
- स्थानीय निवासियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और अतिक्रमण हटाने के आदेश के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया.
- कोर्ट ने नेशनल पार्क की जमीन से गैर-आदिवासी परिवारों के अतिक्रमण को ध्वस्त करने का आदेश दिया है.
भारत में अवैध अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है. गांव, शहर, कस्बे से लेकर मेट्रोपोलिटल शहरों में भी कई जगहों पर अतिक्रमण नजर आता है. वन विभाग, रेलवे, पथ निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों की खाली पड़ी जमीन पर लोग अवैध कब्जा कर लेते हैं. कुछ सालों तक रहने के बाद जब प्रशासन सरकारी जगह खाली कराने पहुंचती है तो लोग उस पर हमलावर भी हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ नजारा सोमवार को मायानगरी मुंबई में देखने को मिली. जहां अवैध अतिक्रमण खाली करवाने पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम को लोगों ने खदेड़ दिया. इसका वीडियो भी सामने आया है. जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस का विरोध करती नजर आई.
संजय गांधी नेशनल पार्क से कब्जा हटाने पहुंची थी पुलिस
दरअसल मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क बोरीवली में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम पर स्थानीय निवासियों ने पथराव कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. दरअसल, अदालत ने नेशनल पार्क की जमीन से उन लोगों के अतिक्रमण को ध्वस्त करने का आदेश दिया है, जो वहां के मूल आदिवासी नहीं हैं. इसी कार्रवाई को रोकने के लिए वहां रह रहे परिवारों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और संघर्ष देखने को मिला.
वीडियो में दिखा पत्थर उठाते नजर आ रहे लोग
लोगों के विरोध के बाद पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा. सामने आए वीडियो में बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिसिया कार्रवाई का विरोध करती नजर आ रही है. लोगों के भारी विरोध को देखते हुए जब पुलिस टीम वापस लौटने लगी तब कुछ लोग हाथों में पत्थर उठाते भी नजर आए. इस दौरान वहां पथराव भी हुआ. ऐसे में अवैध कब्जा नहीं हटाया जा सका.
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