मुंबई: दुबई पुलिस का अधिकारी बनकर NRI कारोबारी से 27.36 लाख की साइबर ठगी

इस मामले की जानकारी मिलने के साथ ही पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है. पुलिस फिलहाल इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस तरह की ठगी को कौन सा गैंग और कहां से अंजाम दे रहा है.

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  • मुंबई के नितीन कृष्णराव नांदेकर को दुबई पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल कर 27.36 लाख रुपये की ठगी हुई
  • आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र और जांच का हवाला देकर नितीन से आधार पैन कार्ड और बैंक जानकारी हासिल की
  • नितीन को बैंक खातों की जांच के नाम पर ओटीपी शेयर करने को कहा गया, जिससे पैसे अनजान खातों में ट्रांसफर हुए
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मुंबई:

मुंबई में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां दुबई पुलिस और सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति से 27.36 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई. इस मामले में पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.शिकायतकर्ता पद्माकर कृष्णराव नांदेकर (60), कफ परेड, मुंबई के निवासी हैं और फिल्म प्रोडक्शन व विज्ञापन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके छोटे भाई नितीन कृष्णराव नांदेकर (50) काम के सिलसिले में दुबई गए हुए थे. नितीन भारत में अपने HSBC बैंक के NRO और NRE खातों के जरिए लेनदेन करते हैं.

वीडियो कॉल कर डराया, जांच का हवाला दिया

8 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 1.30 बजे नितीन नांदेकर के मोबाइल पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को यूएई का कानून प्रवर्तन अधिकारी बताते हुए दुबई पुलिस से जुड़ा होने का दावा किया. आरोपी ने व्हाट्सऐप पर दुबई पुलिस और भारतीय पुलिस के फर्जी पहचान पत्र की तस्वीरें भी भेजीं.आरोपी ने नितीन के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी होने का दावा कर उनका भरोसा जीता. इसके बाद कहा गया कि भारत और दुबई की एजेंसियां उनके बैंक लेनदेन की संयुक्त जांच कर रही हैं. इसी बहाने नितीन को कमरे से बाहर न निकलने के लिए कहा गया और बैंक खातों की जांच के नाम पर उनसे ओटीपी साझा करने को कहा गया.

OTP मिलते ही अलग-अलग खातों में ट्रांसफर

ओटीपी शेयर करते ही आरोपियों ने नितीन के HSBC बैंक के NRO और NRE खातों के साथ-साथ मास्टर क्रेडिट कार्ड से कई बार में रकम निकाल ली. इस तरह कुल 27,36,123.94 रुपये अलग-अलग अनजान खातों में ट्रांसफर कर दिए गए.जब नितीन को खाते से पैसे निकलने का मैसेज मिला और उन्होंने आपत्ति जताई, तब तक आरोपी संपर्क से बाहर हो चुके थे. बाद में दिए गए मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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