- नासिक की एक इंजीनियरिंग छात्रा ने सहपाठी पर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने सहित गंभीर आरोप लगाए हैं.
- छात्रा ने कहा कि आरोपी ने उसके गले से तुलसी माला उतारकर मुस्लिम रीति से गजवा ए हिंद करने का दबाव डाला.
- छात्रा ने बताया कि उसे जबरन शराब और सिगरेट पीने के लिए मजबूर किया और फोटो वायरल करने की धमकी दी.
महाराष्ट्र के नासिक जिले के पंचवटी थाना इलाके में एक इंजीनियरिंग की छात्रा ने अपने ही कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया और उसे दूसरे धर्म के ओर प्रेरित करने का दबाव बनाया. पीड़ित छात्रा का आरोप है कि आरोपी ने उसके गले से तुलसी की माला और बाएं हाथ के कलावा को हटवा दिया और उसे गजवा ए हिंद करने के लिए भी कहा. पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है.
नाशिक में टीसीएस ऑफिस से सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला अभी थमा भी नहीं था कि इसी तरह का एक और मामला सामने आया है. पुलिस ने बताया कि इंजीनियरिंग की छात्रा ने अपने साथ पढ़ने वाले तंजीर इनामदार पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. साथ ही पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसके गले से तुलसी की माला को निकाल दिया और उसे कहा कि गजवा ए हिंद करना है. आरोपी ने उसे शराब और सिगरेट पीने के लिए भी जबरन मजबूर किया.
पीड़िता ने आरोपी पर लगाया गले पर काटने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने जून 2024-25 से जनवरी 2026 तक नासिक जिले के अलग-अलग स्थानों पर तंजीर इनामदार नाम का शख्स मेरा हाथ पकड़कर जबरदस्ती गले लगाता था और मेरे गले के पास जोर से काटता था. पीड़िता ने बताया कि जब मैंने मना किया तो वह कहता था कि यह “लव बाइट” है.
फोटो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक शोषण
पीड़िता ने आगे अपने बयान में कहा है कि आरोपी जबरन सिगरेट पीने के लिए भी मजबूर करता था. इसके अलावा जनवरी 2026 में उसने फोटो वायरल करने की धमकी देकर आरटीओ ऑफिस के सामने स्थित भक्ति इन लॉज में ले जाकर कमरे में जबरन शराब पिलाई और फिर शारीरिक शोषण किया.
पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने मेरे गले की तुलसी माला और बाएं हाथ का धागा उतरवा दिया. साथ कही कहा कि वह मेरा मुस्लिम रीति के अनुसार “गजवा ए हिंद” करना चाहता है.
बता दें कि नासिक में हाल ही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के ऑफिस से सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने देश को हिलाकर रख दिया है. इस मामले की जांच में केंद्रीय सुरक्षा एजेसियां, पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग की टीमें जुटी हैं. यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है. यह सभी आरोपी टीसीएस के ही कर्मचारी हैं. पुलिस ने 25 मार्च को पहली FIR दर्ज की. धीरे-धीरे और भी पीड़ित सामने आए. अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं.














