महाराष्ट्र निकाय चुनाव: मां को मुखाग्नि दे रहे थे योगेश गोन्नाडे, शिवसेना ने वहीं थमाया पार्टी का टिकट

महाराष्ट्र निकाय चुनाव के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया है. शिवसेना शिंदे गुट के कैंडिडेट को श्मशान घाट पर पार्टी ने टिकट थमाया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
योगेश गोन्नाडे
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • शिवसेना ने योगेश गोन्नाडे को श्मशान घाट जाकर दे दिया टिकट
  • गोन्नाडे मां को मुखाग्नि दे रहे थे तभी पार्टी के अधिकारी ने उन्हें दिया एबी फॉर्म
  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव के लिए सभी दल अपने दांव-पेच जारी रखे हुए हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नागपुर:

महाराष्ट्र के निकाय चुनाव टिकट कटने से मिलने तक कई अनोखे मामले सामने आए हैं. किसी दावेदार का टिकट कटने पर रोने का वीडियो आ रहा तो एक कैंडिडेट ऐसे भी रहे जो अपनी मां को मुखाग्नि दे रहे थे वहां उन्हें पार्टी का AB फॉर्म मिला. नागपुर में शिवसेना (शिंदे गुट) के कैंडिडेट योगेश गोन्नाडे को सीधे श्मशान घाट पर भी चुनाव लड़ने का टिकट दिया गया. 

नागपुर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक-5 से शिवसेना ने गोन्नाडे को अपना उम्मीदवार बनाया है. यही नहीं, प्रभाग क्रमांक-8 से गोन्नाडे की बेटी कृतिका गोन्नाडे को भी शिंदे गुट ने चुनावी मैदान में उतारा है. गौरतलब है कि सोमवार को गोन्नाडे की मां का निधन हो गया ता और मंगलवार को नागपुर के एक श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था. चूंकि नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम सीमा दोपहर 3 बजे तक ही थी, इसलिए शिवसेना के स्थानीय नेताओं ने सीदे श्मशान घाट पहुंचकर उन्हें पार्टी का टिकट सौंपा 

स्थानीय नेताओं ने योगेश और उनकी बेटी कृतिका को उनके 'AB' फॉर्म सौंपे गए. गोन्नाडे ने कहा कि एक ओर मां के निधन का गहरा दुख और दूसरी ओर उम्मीद छोड़ देने के बाद अचानक मिली उम्मीदवारी से गोन्नाडे भावुक भी हो गए. उम्मीदवार बनाए जाने के बाद गोन्नाडे ने अपना नामांकन भी दाखिल किया. 

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिन से दावेदारों के टिकट कटने से लेकर टिकट मिलने के कई अनोखे मामले सामने आए हैं. बीजेपी के एक महिला दावेदार का टिकट कटने के बाद तो वो रोने लगीं और एक पूर्व विधायक के सामने हाथ जोड़ती नजर आईं. 
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: धमकियों के आगे झुकेगा ईरान? Putin करेंगे युद्ध का फैसला?