- शिवसेना (UBT) की पार्षद सबा हारून खान ने हिजाब को व्यक्तिगत गरिमा और पसंद का मामला बताया, न कि राजनीतिक मुद्दा
- सबा खान ने कहा कि विभिन्न समुदायों में सिर ढकना सामान्य प्रथा है, हिजाब मुस्लिम महिलाओं की गरिमा का प्रतीक है.
- हारून खान ने चुनाव प्रचार के दौरान भी हिजाब पहना और मतदाताओं ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई.
शिवसेना (UBT) की पार्षद सबा हारून खान ने बुधवार को हिजाब पहनने का बचाव करते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि व्यक्तिगत गरिमा और पसंद का मामला बताया. सबा हारून खान ने कहा, “हिजाब मुस्लिम महिलाओं की गरिमा का प्रतीक है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. आप उत्तर भारतीयों को भी दुपट्टे से अपना आधा चेहरा ढके हुए देख सकते हैं. इसी तरह, यह मुसलमानों के रूप में हमारी गरिमा है.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिर ढकना विभिन्न समुदायों में एक आम प्रथा है.
मैं शिव सैनिक हूं, उसका हिजाब से क्या लेना-देनाः सबा हारून खान
एनडीटीवी के बात करते हुए सबा हारून खान ने कहा- मैं शिवसेना पार्टी से सालों से जुड़ी हूं. मैं भी शिव सैनिक ही हूं और उसका हिजाब से क्या लेना देना? मेयर पर उन्होंने कहा कि चाहे मेयर मुसलमान हो या हिंदू हो, मेयर एक इंसानियत वाला होना चाहिए. मेयर सबके मोरल और वैल्यूज के रिस्पेक्ट करने वाला हो.
हिजाब के नाम पर कंट्रोवर्सी करने वाले हम नहींः सबा हारून खान
सबा हारून खान ने कहा कि मेरे प्रचार में मैंने देखा है उत्तर भारतीय महिलाएं दुपट्टे या आंचल से मुंह ढके रहती हैं. मुझसे मिली-जुली है. तो हमारे ऊपर ही क्यों हिजाब.. ये (हिजाब दिखाते हुए) औरतों की रिस्पेक्ट है और आप सभी को इस चीज की रिस्पेक्ट करना चाहिए.. हिजाब के नाम पर कंट्रोवर्सी करने वाली पार्टी अलग है. जो कि हम नहीं है. अल्लाह के करम से हम ऐसे बनेंगे नहीं और ना कभी बनना चाहेंगे.
विधायक पिता हारून खान ने भी कहा- इसे विवाद बनाने की जरूरत नहीं
उनके पिता और शिवसेना (यूबीटी) के विधायक हारून खान ने भी इस मामले पर बोलते हुए कहा कि उनकी बेटी ने चुनाव प्रचार के दौरान भी बिना किसी आपत्ति के लगातार हिजाब पहना है. उन्होंने कहा, “वह हमेशा हिजाब में रही हैं, यहां तक कि चुनाव के दौरान भी, और मतदाताओं ने कोई मुद्दा नहीं उठाया. इसे विवाद बनाने की कोई जरूरत नहीं है.”
AIMIM पार्षद सहर शेख के बयान से राजनीति तेज
मालूम हो कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे के बाद मुंब्रा से AIMIM पार्षद सहर शेख के बयान से हिजाब को लेकर राजनीति गरमा गई है. उन्होंने कहा मुंब्रा को वह हरे रंग में रंग देंगी. सहर शेख ने यह भी कहा कि मुस्लिम होने के नाते ओवैसी के दिल की ख्वाहिश है कि कोई मुस्लिम लड़की मेयर बन जाए. बयान पर राजनीतिक बवाल बढ़ता देख सहर ने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी पार्टी के झंडे का रंग हरा है, इसलिए उन्होंने हरे रंग की बात कही है.
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