महाराष्ट्र के साइबर सिटी पुणे में चार साल की बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के बाद जनता और राजनीतिक दलों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. सभी एक सुर में मांग कर रहे हैं कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए. इस बीच अभिनेता-निर्देशक प्रवीण तरडे ने भी आरोपी का एनकाउंटर करने की मांग की है. हालांकि लगभग 28 घंटे के लंबे तनाव और इंतजार के बाद पुलिस सुरक्षा के बीच नसरापूर की पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया.
आरोपी का कबूलनामा: 'हमेशा छोटी बच्चियों पर रहती थी नजर'
पुलिस हिरासत में मुख्य आरोपी भीमराव कांबले ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. जांच में सामने आया है कि कांबले एक विकृत मानसिकता का व्यक्ति है. उसने स्वीकार किया कि उसकी नजर हमेशा छोटी बच्चियों पर रहती थी. पुलिस के सामने उसने न केवल अत्याचार की बात मानी, बल्कि यह भी कबूल किया कि उसने ही मासूम की बेरहमी से हत्या की थी. पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर और विकृत स्वभाव का है.
प्रवीण तरडे का फूटा गुस्सा
मराठी सिनेमा के निर्देशक अभिनेता प्रवीण तरडे ने फेसबुक पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि अगर सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों पर चलती है, तो इस दरिंदे का तुरंत एनकाउंटर होना चाहिए, अन्यथा लोगों को कानून हाथ में लेना होगा.
संजय राउत ने सरकार को घेरा
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "इस राज्य में एक चार साल की बच्ची का बलात्कार हुआ. अपराधियों को कानून से डरना चाहिए. इसके लिए यह सरकार जिम्मेदार है. सरकार वीआईपी सुरक्षा में व्यस्त है और तमिलनाडु, केरल, असम और बंगाल के दौरे में एक-एक महीना बिताती है. यहां हालात कौन संभालेगा? शायद बलात्कार और हत्या की शिकार बच्ची की मां इस सरकार की 'लाडकी बहन' हो सकती है. क्या आप उस मां की भावनाओं को 1500 रुपये में खरीद सकते हैं?
असली दोषी यह सरकार है. वहां पुलिस क्या कर रही है? इस देश में क्या हो रहा है? संविधान का उल्लंघन हो रहा है और आप उस बच्ची के शव को लेकर निकले लोगों पर लाठीचार्ज कर रहे हैं..."
भोर और राजगड में बंद, पुणे में NCP(SP) का प्रदर्शन
इस घटना के विरोध में आज भोर और राजगड तालुका पूरी तरह बंद हैं. व्यापारियों और नागरिकों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखी हैं. पुणे के प्रसिद्ध डेक्कन गुडलक चौक पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की मांग की और "आरोपी को फांसी दो" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा.
दूसरी ओर, भीम आर्मी और अन्य आंबेडकरी संगठनों ने खेड-शिवापूर टोल नाके पर चक्का जाम और आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
राष्ट्रीय महिला आयोग और NCPCR सख्त
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने 'राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग' NCPCR से इस मामले की निगरानी करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित करने को कहा है. आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चार्जशीट समय पर दाखिल हो और पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा मिले.
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