हिसाब क्लियर कर दिया, नंबर ब्लॉक कर रहा हूं... वसूली मामले में अब गैंगस्टर छोटा राजन कनेक्शन की जांच

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, पूरा मामला घाटकोपर के राजावाड़ी सिग्नल के पास एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है. इस प्रोजेक्ट में कई निवेशकों ने बड़ी रकम लगाई थी, लेकिन काम सालों से ठप पड़ा है.

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कुख्यात गैंगस्टर रवि मल्लेश बोर्रा की पुलिस कस्टडी बढ़ाई गई. (सांकेतिक फोटो)
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  • मुंबई के गैंगस्टर रवि मल्लेश बोर्रा और बिल्डर निमित भुटा की पुलिस कस्टडी 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है.
  • आरोपियों के बीच हुए चैट के स्क्रीनशॉट्स में छह करोड़ रुपये के लेनदेन का जिक्र मिला हैय
  • मामला घाटकोपर के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां निवेशकों की बड़ी रकम फंसी हुई है.
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मुंबई के कुख्यात गैंगस्टर रवि मल्लेश बोर्रा उर्फ डीके राव, बिल्डर निमित भुटा और उनके साथी अनिल पतेराव की पुलिस कस्टडी 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है. यह मामला एक वसूली और फाइनेंशियल विवाद से जुड़ा हुआ है. जांच में अब एंटी एक्सटॉर्शन सेल यह भी खंगाल रही है कि क्या इस पूरे प्रकरण में छोटा राजन के किसी करीबी का हाथ तो नहीं है.

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आरोपियों के बीच हुई चैट के स्क्रीनशॉट्स बरामद

एस्प्लेनेड कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपियों के बीच हुई चैट के स्क्रीनशॉट्स बरामद किए गए हैं, जिनमें 6 करोड़ के लेनदेन का ज़िक्र है. एक चैट में भुटा ने लिखा था- “मैंने 6 करोड़ रुपये खलील को दे दिए हैं, उसने आगे दिए या नहीं, मुझे नहीं पता. अगर बात करनी है तो डीके भाई से करो. मैंने खलील के जरिए हिसाब क्लियर कर दिया है. अब मैं तुम्हारा नंबर ब्लॉक कर रहा हूं, टाइम से पहले संपर्क किया तो जीरो.”

चिट्ठी बरामद करना जांच के लिए बेहद अहम

पुलिस के मुताबिक, आरोपी भुटा ने शिकायतकर्ता और गवाहों को हाथ से लिखी एक पर्ची (हिसाब की चिट्ठी) दी थी, जिसमें पैसों का ब्योरा था. बताया जा रहा है कि असली चिट्ठी अभी आरोपी के पास है, जिसे बरामद करना जांच के लिए बेहद अहम है. इसी वजह से पुलिस ने अतिरिक्त कस्टडी की मांग की है.

सिर्फ मूल रकम वापस लें, ब्याज की मांग न करें

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, पूरा मामला घाटकोपर के राजावाड़ी सिग्नल के पास एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है. इस प्रोजेक्ट में कई निवेशकों ने बड़ी रकम लगाई थी, लेकिन काम सालों से ठप पड़ा है. जब निवेशकों ने पैसा लौटाने की मांग की, तो 27 अगस्त 2023 को चेंबूर के महाराणा होटल में एक बैठक बुलाई गई थी. इस मीटिंग में बिल्डर भुटा, उसका साथी थांबी गणेश और डीके राव मौजूद थे. वहीं राव ने निवेशकों से कहा था कि सिर्फ मूल रकम वापस लें, ब्याज की मांग न करें, और बिल्डर को आठ महीने की मोहलत दी गई थी.

गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी

लेकिन तय समय बीतने के बाद भी पैसा नहीं लौटा. जब निवेशकों ने फिर दबाव बनाया, तो डीके राव ने उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी. पुलिस का कहना है कि डीके राव, जो कभी छोटा राजन का भरोसेमंद गुर्गा था, बिल्डर के लिए रिकवरी एजेंट की तरह काम कर रहा था. यह इस साल उसकी दूसरी गिरफ्तारी है. इससे पहले जनवरी 2025 में भी एक होटल व्यवसायी से वसूली के मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी.

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