NEET पेपर लीक पर टेलीग्राम का तिलस्म टूटा-₹500 में एंट्री, ₹60 हजार का टोकन, पेपर के दाम लाखों में

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें साइबर अपराधी भी नीट छात्रों के साथ ठगी कर रहे थे. उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप में छात्रों को जोड़ा और उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर एक-एक छात्र से लाखों रुपये ठग लिए.

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नीट पेपर लीक के तार साइबर ठगों से जुड़े.

NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ बड़े खुलासे भी हो रहे हैं. अब इस पूरे मामले के तार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम से जुड़े होने की बात साफ हुई है, जहां साइबर अपराधियों ने ग्रुप बनाकर सैकड़ों छात्रों और अभिभावकों को अपना शिकार बनाया और करोड़ों रुपये ऐंठ लिए.

योजनाबद्ध तरीके से की ₹5.74 करोड़ की ठगी

जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, जालसाजों ने टेलीग्राम पर बेहद योजनाबद्ध तरीके से इस खेल को अंजाम दिया. अब तक के अनुमान के मुताबिक, इस तरह से करीब 5.74 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वसूली जा चुकी है.

आकर्षक नाम वाले ग्रुप्स, लेते थे एंट्री फीस

साइबर ठगों ने टेलीग्राम पर लीक पेपर, गारंटीड सिलेक्शन, 100% सक्सेस और फुलप्रूफ सिस्टम जैसे बड़े दावों वाले ग्रुप बनाए थे. इन ग्रुप्स की शुरुआती एंट्री फीस मामूली तौर पर सिर्फ 200 से 500 रुपये रखी गई थी, जिसके जरिए वह परीक्षा के तनाव से जूझ रहे छात्रों और उनके माता-पिता को जाल में फंसाते थे. कम कीमत होने के चलते वह ज्यादा से ज्यादा लोगों जोड़ सकते थे.

₹60,000 टोकन अमाउंट, पेपर के लिए 10 लाख की डिमांट

एक बार जब अभिभावकों का भरोसा जीता  तो आगे की डील के लिए उनसे 60-60 हजार रुपये का टोकन अमाउंट लिया था. फिर परीक्षा का समय आया और अंतिम चरण में उन्होंने परीक्षा के दिन सुबह ही असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हुए हर छात्र से 10 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली.

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जांच एजेंसियां अब इन टेलीग्राम ग्रुप्स के एडमिन और इसके पीछे सक्रिय मुख्य मास्टरमाइंड्स का पता लगाने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही हैं.

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

दरअसल, NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को भारत में 5,500 से ज़्यादा केंद्रों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी, जिसमें 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे. पेपर लीक के आरोपों के चलते देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए थे और फिर परीक्षा को रद्द कर दी गई थी. अब 21 जून को कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी. पेपर लीक की जांच अब सीबीआई कर रही है और कई राज्यों तक जांच फैली हुई है, लेकिन मुख्य रूप से महाराष्ट्र में पेपर लीक की गतिविधि ज्यादा हुई हैं और राज्य से कई आरोपी गिरफ्तार हुए हैं.

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