- अशोक खरात पर महिलाओं के यौन शोषण और शुद्धिकरण के नाम पर दुष्कर्म करने के कई गंभीर आरोप लगे हैं
- एनसीपी नेता विकास लावंडे ने बताया कि खरात ने माणिक कोकाटे के कैबिनेट मंत्री बनने को रोकने के लिए दबाव डाला था
- माणिकराव कोकाटे को पहले कृषि मंत्री बनाया गया था, बाद में उन्हें खेल विभाग में स्थानांतरित किया गया था
महाराष्ट्र में ज्योतिषी बनकर महिलाओं से दुष्कर्म करने का आरोपी अशोक खरात की काली करतूतें लगातार सामने आ रही हैं. अब तक कई महिलाएं खुलकर सामने आ चुकी हैं. इस बीच एनसीपी (एसपी) के नेता विकास लावंडे ने आरोप लगाया है कि अशोक खरात की महाराष्ट्र सरकार के कामकाज में सीधी दखलंदाजी थी. उन्होंने आरोप लगाया है कि अशोक खरात नहीं चाहता था कि माणिक कोकाटे कैबिनेट मंत्री बनें लेकिन अजित पवार ने मना कर दिया था.
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लावंडे ने क्या आरोप लगाया?
एनसीपी (एसपी) के विकास लावंडे ने कहा कि सिन्नर के विधायक माणिक कोकाटे, खरात के विरोधी थे और खरात नहीं चाहते थे कि कोकाटे को महाराष्ट्र कैबिनेट में शामिल किया जाए.
माणिकराव कोकाटे को कृषि मंत्री बनाया गया था, लेकिन बाद में 'रमी विवाद' के चलते उन्हें खेल विभाग में भेज दिया गया.
लावंड़े ने दावा किया कि खरात ने एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे से संपर्क किया और उनसे कहा कि कोकाटे को मंत्री न बनाया जाए. तटकरे ने खरात की यह बात अजित पवार तक भी पहुंचाई, लेकिन अजित पवार ने इस अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया.
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कौन है अशोक खरात?
अशोक खरात मर्चेंट नेवी के कैप्टन से ज्योतिषी बना था. उस पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है. कई महिलाओं ने उस पर शुद्धिकरण के नाम पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. इस मामले की जांच SIT कर रही है. अब तक दर्जनों FIR दर्ज की जा चुकी हैं. महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भी उससे जुड़ी हुई थीं. उन्होंने अपना इस्तीफा भी दे दिया है.
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ भी उनके संबंध सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे से भी उनकी कथित नजदीकियां सामने आई हैं. एक तस्वीर में अशोक खरात के साथ एकनाथ शिंदे और उनके सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे नजर आ रहे थे. और भी कई नेताओं के साथ अशोक खरात की तस्वीरें वायरल हुई हैं. इनमें जयंत पाटिल, नीलेश लंके और चंद्रकांत पाटिल जैसे नेता शामिल हैं.
सिर्फ महायुति ही नहीं, बल्कि महाविकास अघाड़ी (MVA) की सरकार में भी खरात का दखल था. 2020 का एक सरकारी आदेश सामने आया है, जिसमें 'श्री शिवनिका संस्थान' को पानी आवंटित किया गया था, जो कि अशोक खरात से जुड़ा बताया जा रहा है.
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