नासिक के चर्चित TCS केस में अब एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है. पुलिस की चार्जशीट में दावा किया है कि पीड़िता को मानसिक रूप से प्रभावित करने के लिए लगातार धार्मिक वीडियो दिखाए जाते थे. आरोप है कि उसे यह समझाने की कोशिश की गई कि इस्लाम धर्म अपनाने से उसका तनाव दूर होगा.
प्रांजल कुलकर्णी की रिपोर्ट...
चार्जशीट में ब्रेनवॉश का आरोप
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, पीड़िता ने अपने बयान में बताया है कि उसे इस्लाम धर्म की ओर आकर्षित करने के लिए जाकिर नाइक और पाकिस्तानी धर्मगुरु तारिक जमील के वीडियो दिखाए जाते थे. यह सिलसिला लगातार चलता रहा, जिससे उस पर मानसिक दबाव बनाया गया.
'धर्म बदलो, तनाव खत्म होगा'
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने बार-बार उसे यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि अगर वह इस्लाम धर्म स्वीकार कर लेती है, तो उसकी जिंदगी के सभी मानसिक तनाव खत्म हो जाएंगे. इस तरह की लगातार बातचीत और समझाइश के चलते वह धीरे-धीरे उनकी बातों पर भरोसा करने लगी थी.
चार्जशीट में दिए गए इस बयान के बाद जांच का दायरा और गंभीर हो गया है. अब यह मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि इसमें सुनियोजित तरीके से ब्रेनवॉश और जबरन धर्मांतरण की कोशिश जैसे आरोप भी शामिल हो गए हैं.
क्या है नासिक टीसीएस मामला?
यह पूरा मामला नासिक की बहुराष्ट्रीय कंपनी TCS से जुड़ा है, जहां काम करने वाली महिलाओं ने यौन उत्पीड़न, धर्मांतरण के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे आरोप लगाए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच शुरू की थी.
9 FIR और 9 आरोपी
इस मामले में अब तक देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस थानों में कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. इनमें 9 आरोपी नामजद हैं, जिनमें 7 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं. पुलिस ने मुख्य आरोपी निदा खान सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) भी गठित की गई थी, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है.