Fake Baba Jyotishacharya: नासिक के जालसाज अशोक खरात मामले में बड़ी खबर सामने आई है. आयकर विभाग अब इस जालसाज अशोक खरात की संपत्तियों की जांच कर सकता है. खरात के साथ-साथ दानदाताओं और साझेदार भी इनकम टैक्स की निशाने पर है. सूत्रों की माने तो एसआईटी के बाद आयकर विभाग ने अशोक खरात धोखाधड़ी मामले में हस्तक्षेप किया है और अब अशोक खरात के वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर सकता है.
सूत्रों के अनुसार, विभाग खरात से जुड़े आय के स्रोतों और लेन-देन की जांच करेगा. जांच केवल खरात तक ही सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उन व्यक्तियों तक भी पहुंच सकती है, जिन्होंने कथित तौर पर खरात को वित्तीय सहायता दी या उनके साथ साझेदारी की. अधिकारियों द्वारा दानदाताओं के रिकॉर्ड और वित्तीय खुलासों की गहन जांच के साथ-साथ संपत्ति खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की भी जांच की जाएगी.
बता दें कि एसआईटी खरात मामले में तकनीकी सबूत जुटाने, उसकी संपत्तियों, वित्तीय संबंधों और अन्य जानकारियों को इकट्ठा करने में जुटी है. बताया जा रहा है कि खरात का बयान भी दर्ज कर लिया गया है. वहीं शनिवार को एसआईटी ने खरात से सात घंटे तक पूछताछ की थी. विशेष जांच दल (SIT) की अगुवाई तेजस्वी सातपुते कर रही हैं. यह टीम अब सिर्फ आरोपों की जांच ही नहीं, बल्कि खरात के राजनीतिक संबंध, उसकी संपत्ति और उसके पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है.
200 करोड़ की संपत्ति
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अशोक खरात की कुल संपत्ति 200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. पुलिस को शक है कि ये संपत्ति केवल उसकी पेशेवर कमाई से नहीं, बल्कि राजनीतिक संपर्कों और अन्य माध्यमों से खड़ी की गई है. जांच में सामने आया है कि खरात की संपत्तियां नासिक जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में फैली हुई हैं. इनमें सबसे बड़ी संपत्ति नासिक के पाथर्डी इलाके में करीब 30 एकड़ जमीन है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा उसके गृह तालुका सिन्नर में 45 एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है.
ये भी पढ़ें: 200 करोड़ की संपत्ति और 35 एकड़ का फार्महाउस... पढ़िए ढोंगी अशोक खरात के आलीशान साम्राज्य की पूरी कहानी














