- एनजीओ संचालक रियाज काजी को युवतियों के साथ दुर्व्यवहार और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है
- यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी नामक NGO के तहत सामाजिक गतिविधियों की आड़ में गलत कार्य किए जाने का आरोप है
- आरोप है कि आरोपी युवतियों को केबिन में बुलाकर अश्लील हरकतें करता और सीसीटीवी बंद कर दुर्व्यवहार करता था
नासिक की TCS में कथित यौन शोषण और धर्मांतरण का मामला चर्चा में बना हुआ है. इस बीच नागपुर में भी अब इसी तरह का मामला सामने आया है, जहां एक स्वयंसेवी संस्था कथित तौर पर NGO की आड़ में युवतियों के साथ दुर्व्यवहार और जबरन धर्मांतरण की कोशिश कर रही थी. मानकापुर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए संस्था के संचालक रियाज काजी को गिरफ्तार कर लिया है.
बताया जा रहा है कि ये पूरा खेल यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी के नाम पर चल रहा था. आरोप है कि सामाजिक गतिविधियों की आड़ में यहां गलत काम किए जा रहे थे.
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NGO की आड़ में क्या-क्या होता था?
आरोपी रियाज काजी NGO की आड़ में युवतियों के साथ न सिर्फ गलत काम करता था, बल्कि धर्मांतरण के लिए भी दबाव बनाता था.
23 साल की एक युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी उसे केबिन में बुलाकर अश्लील हरकतें करता था. सीसीटीवी बंद करके बार-बार दुर्व्यवहार किया जाता था. कई और युवतियों को भी गलत नीयत से छूता था.
आरोपी संचालक रियाज काजी.
आरोप है कि वह युवतियों पर इस्लाम के नियम मानने के लिए दबाव डाला जाता था. उन्हें नमाज पढ़ने, रोजे रखने और दुआ करने के लिए मजबूर किया जाता था. नमस्ते की जगह खुदा हाफिज कहने पर जोर देता था. युवतियों पर अपने धर्म की परंपराएं न मानने का दबाव बनाता था. धर्मांतरण के लिए मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है.
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युवतियों पर रखता था नजर
रियाज काजी पर यह भी आरोप है कि वह युवतियों पर नजर रखता था. युवतियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डिजिटल वॉच और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया जाता था. पीड़ितों की शिकायत पर मानकापुर पुलिस ने छेड़छाड़ और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
4 लड़कियों ने की थी शिकायत
यह NGO 2010 से काम कर रहा था. इस NGO में 5 लड़कियां काम करती थीं, जिनमें से 4 ने शिकायत दर्ज कराई है. यह NGO झुग्गी-झोपड़ी के गरीब बच्चों और लड़कियों की मदद करने का दावा करता है. इसी के जरिए उन्हें विशेष समुदाय के धार्मिक रीति-रिवाजों की शिक्षा दी जा रही थी. अभी तक सीधे तौर पर धर्मांतरण के सबूत नहीं मिले हैं लेकिन रीति-रिवाज सिखाने की जानकारी मिली है. पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस संस्था को कोई विदेशी फंडिंग मिल रही थी.













