75% सीटों पर कब्जा, महाराष्ट्र जिला परिषद चुनावों में महायुति का प्रचंड प्रहार, BJP बनी नंबर 1

महाराष्ट्र जिला परिषद चुनावों में महायुति ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अब तक घोषित 719 में से 552 सीटों पर कब्जा किया. यह कुल सीटों का लगभग 75% है. बीजेपी 225 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि एनसीपी (अजीत पवार) ने 165 और शिवसेना (शिंदे) ने 162 सीटें जीतीं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • महाराष्ट्र के 12 जिला परिषद चुनाव में महायुति ने कुल 719 सीटों में से करीब 75% यानी 552 सीटों पर कब्जा किया.
  • BJP 225 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी जबकि एनसीपी और शिवसेना ने भी मजबूत प्रदर्शन किया.
  • विपक्षी दल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार गुट की एनसीपी की सीटें कुल मिलाकर 150 से कम रह गईं.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

महाराष्ट्र के 12 जिला परिषदों के आए नतीजों ने राज्य की राजनीति का माहौल गरमा दिया है. महायुति ने ग्रामीण महाराष्ट्र में अपनी पकड़ साबित करते हुए प्रचंड बहुमत के साथ विपक्ष को कड़े झटके दिए हैं. घोषित 719 सीटों के रुझानों और नतीजों में महायुति ने 552 सीटों पर कब्जा किया है, जो कुल सीटों के लगभग 75% के बराबर है.

BJP नंबर 1, NCP (अजित पवार) और शिवसेना (शिंदे) का मजबूत प्रदर्शन

अभी तक घोषित नतीजों में भारतीय जनता पार्टी 225 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

  • बीजेपी- 225 सीटें
  • एनसीपी (अजित पवार)- 165 सीटें
  • शिवसेना (एकनाथ शिंदे)- 162 सीटें

इन नतीजों ने यह साफ किया है कि ग्रामीण इलाकों में बीजेपी का संगठन और कैडर अब भी मजबूत है. वहीं अजित पवार की एनसीपी और शिंदे की शिवसेना ने भी महायुति के भीतर अपनी ताकत साबित की है. सोमवार रात 9 बजे तक सतारा जिले की 12 सीटों के अंतिम परिणाम लंबित थे.

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र जिला परिषद-पंचायत चुनाव में महायुति का परचम, BJP की बंपर जीत, फडणवीस-चव्हाण की जोड़ी हिट

विपक्ष 150 के आंकड़े से नीचे

विपक्षी पार्टियां मिलकर भी बड़ी संख्या हासिल नहीं कर सकीं.

  • कांग्रेस- 55
  • उद्धव ठाकरे की शिवसेना- 43
  • शरद पवार की एनसीपी- 26

शरद पवार गुट का 26 सीटों पर सिमटना उनके पारंपरिक ग्रामीण जनाधार में गिरावट का संकेत देता है. 

ग्रामीण इलाकों में योजनाओं का असर

विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार की योजनाएं जैसे लाड़की बहिन योजना, बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों ने ग्रामीण मतदाताओं पर असर डाला है.

यह भी पढ़ें- 'मैं मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं', बिहार के जर्जर अस्पतालों पर मैथिली ठाकुर और हेल्थ मिनिस्टर में जोरदार बहस

महायुति के भीतर एनसीपी (अजित पवार) ने 165 सीटें जीतकर यह संदेश भी दिया कि 'घड़ी' का बड़ा जनाधार अभी भी उनके पास है. वहीं शिवसेना (शिंदे) ने 162 सीटों के साथ अपनी जमीनी पकड़ मजबूत दिखाई.

'नकारात्मक प्रचार से वोट नहीं मिलते'

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस जीत पर कहा, 'महाराष्ट्र में जनता ने देवेंद्र फडणवीस की विकास योजनाओं का साथ दिया है. जनता ने विकास के लिए मतदान किया है. कांग्रेस को अब आत्ममंथन करना चाहिए और हर बार ईवीएम को दोष देने से बचना चाहिए.' उन्होंने कहा, 'नकारात्मक प्रचार से वोट नहीं मिलते. जनता ने लगातार तीन चुनावों में यह साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र विकास को ही वोट देता है.'

Advertisement

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को भाजपा-महायुति नेतृत्व की मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का परिणाम बताया. उन्होंने कहा, '2014 में हमने यह धारणा तोड़ी कि बीजेपी सिर्फ शहरी पार्टी है. इस बार के नतीजे बताते हैं कि हमने ग्रामीण महाराष्ट्र में भी मजबूत पकड़ बनाई है.' उन्होंने कार्यकर्ताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और जनता को धन्यवाद दिया.

'महाराष्ट्र के लोग अच्छी शासन-व्यवस्था पसंद करते हैं'

प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि राज्य की जनता ने एक बार फिर महायुति को मजबूत समर्थन दिया है. उन्होंने लिखा, 'महाराष्ट्र के लोग अच्छी शासन-व्यवस्था और राज्य की सांस्कृतिक विरासत की भावना के साथ काम करने वाले गठबंधन को पसंद करते हैं.' प्रधानमंत्री ने इसे सरकार के विकास कार्यों और महायुति की जमीनी मेहनत का परिणाम बताया.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Himanta vs Owaisi: योगी बंटने नहीं देंगे योगी क्या करेंगे? | Syed Suhail | UP News | CM Yogi