महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: नामांकन पत्रों की जांच चुनाव अधिकारियों के लिए क्यों बन गई सबसे बड़ी चुनौती

महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों की 2,869 सीटों के लिए 33,606 नामांकन दाखिल होने से जांच चुनाव अधिकारियों के लिए चुनौती बन गई है. नौ साल बाद हो रहे चुनावों में दलों के अकेले लड़ने, गठबंधन देरी और डमी उम्मीदवारों के कारण नामांकन संख्या बढ़ी है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के लिए 33,606 नामांकन पत्र 29 महानगरपालिकाओं की 2,869 सीटों पर दाखिल हुए हैं.
  • नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 2 जनवरी है, इसके बाद अगले दिन उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी.
  • नौ साल बाद हो रहे नगर निगम चुनावों में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के बीच उत्साह एवं प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों को लेकर नामांकन पत्रों की जांच चुनाव अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है. राज्य की 29 महानगरपालिकाओं की कुल 2,869 सीटों के लिए 33,606 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं. 2 जनवरी नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है, जिसके बाद अगले दिन जांच प्रक्रिया पूरी कर अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी.

9 साल बाद हो रहे चुनाव

करीब 9 साल बाद नगर निगम चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के बीच उत्साह स्वाभाविक माना जा रहा है. स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के चुनावों को आमतौर पर 'कार्यकर्ताओं के चुनाव' कहा जाता है, क्योंकि इन्हीं के ज़रिए राजनीतिक दल अपनी संगठनात्मक ताकत को मज़बूत करते हैं और राज्य व राष्ट्रीय स्तर के लिए नए नेतृत्व को तैयार करते हैं.

यह भी पढ़ें- 'फोकट प्रश्न मत पूछो', इंदौर में गंदे पानी से 10 की मौत, NDTV के सवाल पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय, बाद में मांगी माफी

अकेले चुनाव लड़ रहे ज्यादातर दल

इस चुनाव में अधिकांश प्रमुख दलों ने अकेले चुनाव लड़ने के विकल्प पर भी विचार किया है, जिससे नामांकन की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. इसके अलावा, गठबंधनों और मोर्चों को लेकर अंतिम समय तक तस्वीर साफ न होने के कारण भी टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ी है.

Advertisement

कई दलों ने उतारे 'डमी उम्मीदवार'

सूत्रों के अनुसार, कई दलों ने रणनीति के तहत ‘डमी उम्मीदवारों' के नामांकन भी दाखिल किए हैं. यदि अंतिम समय में उम्मीदवारों में बदलाव होता है, जांच के दौरान आधिकारिक उम्मीदवारों से जुड़ी कोई तकनीकी या कानूनी अड़चन सामने आती है, या गठबंधन को लेकर कोई अप्रत्याशित स्थिति बनती है, तो ऐसे में इन डमी उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है.

Featured Video Of The Day
8th Pay Commission: मई 2027 में मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन? सरकार ने साफ-साफ बता दिया! Top News