महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड MSBSHSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में होने वाली धांधली के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और कठोर कार्रवाई की है. बोर्ड ने परीक्षाओं के दौरान सामने आए सामूहिक नकल के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कुल 103 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है.
CCTV फुटेज ने उजागर किया नकल का घोटाला
बोर्ड ने उन शिक्षकों और कर्मचारियों पर यह गाज गिराई है जिन्होंने परीक्षा की गोपनीयता भंग की या प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से नकल को बढ़ावा दिया. बोर्ड का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना जरूरी था.
सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि जिन शिक्षकों और कर्मचारियों ने नियमों का उल्लंघन कर नकल में मदद की, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी बोर्ड द्वारा शुरू कर दी गई है.
इस पूरी कार्रवाई में सीसीटीवी फुटेज की अहम भूमिका रही है. राज्य के विभिन्न केंद्रों पर लगे कैमरों की जांच के बाद सामूहिक नकल की पुष्टि हुई थी. इसी आधार पर दोषी शिक्षकों की पहचान की गई और उन पर कार्रवाई की गई.
केवल निलंबन नहीं, अब दर्ज होगी FIR
खबर के अनुसार, वाशिम जिले में विशेष रूप से सख्ती देखी गई, जहां पहले 22 और बाद में कुल 51 कर्मियों पर कार्रवाई की बात सामने आई थी. छत्रपति संभाजीनगर संभाग में भी नकल रोकने में नाकाम रहे कई पर्यवेक्षकों यानी सुपरवाइजर्स को निलंबित किया गया है.
शिक्षा विभाग और बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉपी-मुक्त अभियान के तहत किसी भी तरह की लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आने वाली परीक्षाओं के लिए भी बोर्ड ने सख्त निगरानी और लाइव वेबकास्टिंग जैसी सुविधाओं का उपयोग शुरू किया है.
राज्य बोर्ड का यह कदम छात्रों के भविष्य और शिक्षा पद्धति की गरिमा को बनाए रखने के लिए उठाया गया एक अहम निर्णय माना जा रहा है. बोर्ड अध्यक्ष ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी भी जारी है और दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों पर भी गाज गिर सकती है.














