ज‍िस IPS ने गरीबी से जूझकर नौकरी पाई, उसे क्यों ठुकराया? कच्‍चे में रहा पर‍िवार, 6th अटेम्प्ट में पास की UPSC

IPS चौधरी अभिजीत रामदास (CA Ramdas) ओडिशा कैडर के 2025 बैच के ट्रेनी आईपीएस अधिकारी हैं. SVPNPA में ट्रेनिंग के दौरान ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. 11 साल के कड़े संघर्ष और 6 प्रयासों के बाद IPS बनने वाले अभिजीत के इस अचानक फैसले ने सभी को चौंका दिया है. जानिए उनकी Success Story.

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  • ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी चौधर अभिजीत रामदास ने ट्रेनिंग के दौरान ही 2026 में इस्तीफा दे दिया था
  • अभिजीत रामदास ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में छह बार प्रयास कर अंततः 2024 में सफलता हासिल की थी
  • उनका बचपन गरीबी में बीता और परिवार के पास पक्का मकान नहीं था, पिता ने मजदूरी कर परिवार चलाया था

IPS CA Ramdas: ओडिशा कैडर में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 2025 बैच के अधिकारी सीए रामदास (चौधर अभिजीत रामदास) ने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. फिलहाल वह हैदराबाद स्थित 'सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी' में प्रशिक्षण ले रहे हैं. ओडिशा पुलिस अधिकारी के रूप में फील्ड पोस्टिंग मिलने से पहले ही 11 जुलाई 2026 को उनके इस्तीफे की खबर ने प्रशासनिक गलियारों और आम जनता को चौंका दिया है.

ओडिशा कैडर में अभिजीत रामदास का इस्तीफा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि छह जुलाई को ही भुवनेश्वर के डीसीपी रहे जगमोहन मीणा ने 13 साल की पुलिस सर्विस के बाद इस्तीफा दे दिया था. इसके महज पांच दिन बाद ही ट्रेनी आईपीएस अभिजीत रामदास का भी आईपीएस पद से मोहभंग हो गया.  

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आइए जानते हैं कि आखिर ये युवा पुलिस अधिकारी सी.ए. रामदास कौन हैं, जिनका युवाओं की 'ड्रीम जॉब' माने जाने वाले आईपीएस पद से ही मोहभंग हो गया. दिलचस्प बात तो यह है कि खुद अभिजीत रामदास ने आईपीएस बनने के लिए करीब 10 साल तक कड़ा संघर्ष किया था. उन्होंने लगातार असफलताओं का सामना किया और आखिरकार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के अपने आखिरी प्रयास में चयन हासिल किया. उनका बचपन भारी गरीबी में बीता था. 

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IPS सी.ए. रामदास कहां के रहने वाले हैं?

बता दें कि सी.ए. रामदास का पूरा नाम चौधर अभिजीत रामदास है. वह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी से ताल्लुक रखते हैं और मूल रूप से महाराष्ट्र के रुई गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता रामदास चौधर व्यवसायी हैं और माता अनुराधा गृहणी हैं.

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अभिजीत की शुरुआती शिक्षा बारामती के 'विद्या प्रतिष्ठान' के मराठी माध्यम स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने मालेगांव के 'शिवनगर विद्या प्रसारक मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग' से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.  

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Success Story : चौधर अभिजीत रामदास को AIR 487

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में चौधर अभिजीत रामदास को ऑल इंडिया स्तर पर 487वीं रैंक मिली थी. यूपीएससी में यह उनका छठा और आखिरी प्रयास था. परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने विभिन्न सम्मान समारोहों और सोशल मीडिया पर अपनी यूपीएससी जर्नी साझा की थी. उनकी यह सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, जो लगातार मिलने वाली असफलताओं से हार मान लेते हैं.

पांच बार इंटरव्यू तक पहुंचे, एक नंबर से चूके

चौधर अभिजीत रामदास के अनुसार, वे पांच बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू तक पहुंचे थे. साल 2022 में तो वे अंतिम चयन से महज एक नंबर से चूक गए थे. उन्होंने सबसे पहले साल 2015 में यूपीएससी में किस्मत आजमाई थी, लेकिन पहली बार में वे प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाए. इसके बाद साल 2017, 2019, 2020 और 2022 में वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके. आखिरकार साल 2024 में उन्हें सफलता मिली और वे ओडिशा कैडर में IPS चुने गए. 

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रहने को पक्का घर तक नहीं था, पिता का संघर्ष देखा

चौधर अभिजीत रामदास ने बताया था कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी. जब वे छोटे थे, तब उनके पास रहने के लिए पक्का मकान तक नहीं था और पूरा परिवार कच्चे घर में गुजर-बसर करता था. उनके पिता को महज 13 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी. इसके बाद उनके पिता ने दिहाड़ी मजदूरी की और जूट के थैले बेचे. जब आर्थिक स्थिति थोड़ी ठीक हुई, तो परिवार टीन-शेड वाले मकान में रहने लगा.

पिता का सपना था कि बेटा बने IPS

अपनी संघर्ष गाथा बयां करते हुए अभिजीत ने बताया था कि जब वे 12वीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तब उनके पिता को किसी काम से पुलिस थाने में इंस्पेक्टर के पास जाना पड़ा था. उस दिन थाने में जिला पुलिस अधीक्षक का निरीक्षण तय था, जिसके लिए पूरा थाना उनके स्वागत और तैयारियों में जुटा हुआ था. यह सब देखकर पिता ने अपने एक दोस्त से कहा था- "नौकरी हो तो आईपीएस जैसी हो." 

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इसके बाद पिता ने अभिजीत से कहा कि उनका सपना है कि बेटा आईपीएस बने. अभिजीत ने इंजीनियरिंग के आखिरी साल से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. पहली बार 2015 में परीक्षा दी, लेकिन सफलता 10 साल बाद मिली, जब 22 अप्रैल 2025 को UPSC CSE 2024 का फाइनल रिजल्ट घोषित हुआ.

IPS अभिजीत रामदास ने इस्तीफा क्यों दिया?

सीए रामदास के इस्तीफे की पुष्टि टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से बातचीत में ओडिशा के डीजीपी वाई.बी. खुरानिया ने की है. उन्होंने कहा क‍ि "हमें उनका इस्तीफा मिल गया है. अभी वे ट्रेनी हैं, इसलिए उन्होंने ओडिशा में कोई फील्ड ट्रेनिंग नहीं ली है. उनके इस फैसले के पीछे क्या कारण हैं, यह हमें ज्ञात नहीं है." ओडिशा कैडर के पूर्व आईपीएस जगमोहन मीणा की ही तरह, ट्रेनी आईपीएस चौधर अभिजीत रामदास के भी अचानक इस्तीफा देने की वजह का फिलहाल पता नहीं चल सका है.

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