Water Crisis: इंसान और जानवर एक ही जगह से पी रहे पानी, पुणे के आदिवासी गांवों में गहराया जल संकट

Pune Tribal Area Water Crisis: पुणे के खेड तालुका के नायफड और धाबेवाड़ी गांवों में पानी की किल्लत हो गई है. यहां जानवर और आदिवासी एक ही जगह से पानी पीने को मजबूर हैं.

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आदिवासियों को जानवरों के साथ पीना पड़ता है पानी (फोटो- एआई).

Water Crisis in Pune: भीषण गर्मी के चलते पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. महाराष्ट्र के पुणे में आदिवासी इलाकों में जल संकट विकट होता जा रहा है. खेड तालुका के कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए जानवरों के साथ एक ही स्रोत पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे हालात बेहद चिंताजनक बन गए हैं. खेड तालुका के नायफड और धाबेवाड़ी गांवों में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है.

यहां पीने के पानी का कोई अलग स्रोत उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को चट्टानों में जमा पानी का ही सहारा लेना पड़ रहा है. यही पानी जानवर भी पीते हैं, जिससे पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है. बावजूद इसके, मजबूरी में ग्रामीणों को यही पानी पीना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं.

महिलाओं और बच्चों को परेशानी ज्यादा

इस इलाके में महिलाओं और बच्चों की परेशानी और ज्यादा है, जिन्हें रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है. कई बार उनका पूरा दिन सिर्फ पानी की तलाश में ही बीत जाता है. स्थानीय महिला ने बताया कि हम और हमारे जानवर एक ही टंकी का पानी पीते हैं. पानी बहुत गंदा है, लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हर दिन हमें काफी दूर जाना पड़ता है.

पानी के टैंकर की मांग

खेड तालुका के आदिवासी क्षेत्रों में पानी का यह संकट लगातार गहराता जा रहा है. ऐसे में प्रशासन के लिए जरूरी हो गया है कि तुरंत टैंकर सुविधा शुरू की जाए और साथ ही स्थायी जल आपूर्ति की व्यवस्था भी की जाए, ताकि ग्रामीणों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके.

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