परिवार के साथ हज यात्रा पर जा रहे हैं तो बढ़ेगा 50000 तक का खर्च, जानिए Hajj यात्रियों पर क्यों बढ़ा आर्थिक बोझ

Hajj Travel Cost Increase India: भारत से हज यात्रा के हवाई किराए में प्रति व्यक्ति 10,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इसके चलते 4-5 लोगों के परिवार पर 40-50 हजार का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins

Hajj Travel Cost in India: भारत के हज तीर्थयात्रियों पर इस वर्ष आर्थिक बोझ बढ़ गया है, क्योंकि हवाई किराये में वृद्धि कर दी गई है. अब हज यात्रा के लिए हवाई किराए में वृद्धि के बाद प्रति व्यक्ति ₹10,000 का अतिरिक्त भुगतान करना होगा. किराये में बदलाव ऐसे समय में किया गया है, जब मध्य-पूर्व में परिस्थितियां बिगड़ी हुई हैं और विमानन ईंधन (ATF) में बढ़ोतरी से हवाई यात्रा महंगी हो रही है. अचानक किराया बढ़ने से हज यात्रियों में गुस्सा और आक्रोश है. इसके विरोध में, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नागपुर इकाई ने एक औपचारिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया और प्रशासन को एक प्रतिवेदन सौंपा, जिसमें इस अतिरिक्त लागत को अकीदतमंदों (श्रद्धालुओं) पर एक अनुचित बोझ बताया गया है.

परिवारों के लिए अचानक आई आर्थिक कठिनाई का मामला

जमीयत उलेमा की नागपुर जिला इकाई के महासचिव अतीक कुरैशी ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे "अनुचित" करार दिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई यात्री चार से पांच लोगों के बड़े पारिवारिक समूहों में यात्रा करते हैं, जिसका अर्थ है कि इस वृद्धि से उनके कुल खर्च में ₹40,000 से ₹50,000 का भारी इजाफा हो गया है. यह समय विशेष रूप से कठिन है क्योंकि कई मुख्य कमाने वाले सदस्य पहले ही मक्का के लिए रवाना हो चुके हैं, जिससे उनके पीछे घर पर मौजूद परिवारों को आखिरी समय में अतिरिक्त धन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

संगठन ने इस वृद्धि को वापस लेने के लिए संभागीय प्रशासन के माध्यम से सरकार से औपचारिक रूप से संपर्क किया है. हाफिज मसूद, हाजी मोहम्मद शोएब राणा और शहबाज अख्तर जैसी स्थानीय प्रमुख हस्तियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त कार्यालय का दौरा किया और उपायुक्त राजेश खोल को विरोध का ज्ञापन सौंपा. कुरैशी ने इस बढ़ोतरी में एक प्रक्रियात्मक खामी की ओर इशारा करते हुए कहा कि एयरलाइंस और हज कमेटी के बीच हवाई किराए के समझौते आमतौर पर उड़ानों से छह-सात महीने पहले तय हो जाते हैं, ऐसे में अंतिम समय में की गई यह वृद्धि पूरी तरह से अनुचित है.

हज यात्रा की वर्तमान स्थिति

भारतीय हज समिति के अनुसार, इस वर्ष लगभग 1.75 लाख तीर्थयात्री हज यात्रा में भाग ले रहे हैं. हालांकि उड़ानें 24 अप्रैल को शुरू हुई थीं और लगभग आधे यात्री मदीना के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं, लेकिन जो लोग अभी भी प्रस्थान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वे इस वित्तीय दुविधा में फंस गए हैं. प्रदर्शनकारी निकाय ने हज समिति और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से मूल्य वृद्धि पर पुनर्विचार कर तत्काल राहत प्रदान करने का आग्रह किया है.

Advertisement

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का पक्ष

हज यात्रियों की सेवा करने वाले प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रवक्ता अंसार अली ने कहा कि इस साल के हज यात्रियों को अलग से हवाई किराए के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था और यह कठिन निर्णय लेना अनिवार्य था. मध्य पूर्व की विशिष्ट स्थिति और विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने एकमुश्त हवाई किराया संशोधन को मंजूरी दी है.

उन्होंने बताया कि एयरलाइंस ने मूल किराए में 400 अमेरिकी डॉलर की वृद्धि की थी, लेकिन सरकार ने इसे केवल 100 डॉलर तक सीमित रखा है. यह इस वर्ष 15 मई तक लागू किया जा सकता है. इस वर्ष हज यात्रियों को कई नई सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि किसी दूसरे देश में युद्ध के संकट की स्थिति के बावजूद इस साल हज यात्रा खुशी-खुशी जारी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विरोधी मोदी सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री के सफल कार्यों पर चर्चा नहीं करते, बल्कि समाज में नफरत या गलतफहमी फैलाते हैं. धार्मिक हज यात्रा के संदर्भ में इस तरह की चीजों से बचना चाहिए.

Advertisement
Featured Video Of The Day
बंगाल में Axis My India ने क्यों नहीं जारी किया Exit Poll? प्रदीप गुप्ता ने बताया