- पुणे के बानेर इलाके में बर्खास्त IAS पूजा खेडकर के पारिवारिक बंगले में नशीली दवा देकर डकैती की घटना हुई है.
- आरोपियों ने पूजा खेडकर और परिवार के सदस्यों को बांधकर कमरे में बंद किया और घर में कीमती सामान चोरी किया गया.
- पुलिस ने डकैती की एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है, लेकिन पूजा खेडकर ने खुद अभी तक शिकायत दर्ज नहीं करवाई.
UPSC की परीक्षा में आरक्षण के लिए पेश किए गए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा के आरोपों से चर्चा में आई महाराष्ट्र की बर्खास्त IAS पूजा खेडकर का परिवार इन दिनों फिर चर्चा में है. पूजा खेडकर के परिवार का दावा है कि उनके पुणे के बानेर इलाके में स्थित पारिवारिक बंगले में डकैती हुई. परिजनों को नशीला पदार्थ देकर बांधने के बाद यह सनसनीखेज घटना हुई. इस मामले में अब पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. घटना के करीब 24 घंटे बाद चतु:श्रृंगी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस अपराध को डकैती (Dacoity) की श्रेणी में दर्ज करते हुए जांच तेज कर दी है. लेकिन इस पूरे मामले में कुछ सवाल भी उठ रह हैं. एक सवाल यह है कि पूजा खेडकर ने अब तक खुद से FIR क्यों नहीं दर्ज करवाई. दूसरा सवाल यह भी है घटना के समय सीसीटीवी बंद क्यों थे.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार देर रात करीब 11.30 बजे की है. पूजा खेडकर जब घर लौटीं, तब कथित तौर पर चार से पांच अज्ञात लोग उनके बंगले में मौजूद थे. आरोप है कि इन लोगों ने पूजा खेडकर के हाथ-पैर बांध दिए, उन्हें एक कमरे में बंद किया और घर में जमकर तोड़फोड़ करते हुए कपाट (अलमारियां) तोड़ दीं.
आरोपियों ने पूजा खेडकर के माता-पिता, ड्राइवर, रसोइया और सुरक्षा गार्ड को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया. सभी पीड़ितों को अर्ध-बेहोशी की हालत में पाया गया, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल सभी का इलाज जारी है.
क्या-क्या चोरी हुआ?
FIR के मुताबिक, आरोपियों ने घर के कपाटों को क्रोबार जैसे औजार से तोड़कर उनमें रखा सामान बाहर निकाला. कीमती वस्तुएं और मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज की गई है. पुलिस के अनुसार, चोरी गए सामान की सही कीमत पीड़ितों के बयान दर्ज होने के बाद तय की जाएगी.
घरेलू नौकर पर शक
इस पूरे मामले में हाल ही में नियुक्त किए गए नेपाली घरेलू नौकर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है. पुलिस का कहना है कि यह नौकर करीब 15 दिन पहले ही काम पर रखा गया था. आशंका है कि उसने अपने काम के दौरान बंगले की रेकी (जासूसी) की और बाद में साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया. पुलिस की टीमें नौकर और उसके संभावित साथियों की तलाश कर रही हैं.
CCTV नहीं थे चालू
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बंगले में लगे CCTV कैमरे चालू हालत में नहीं थे. इसके चलते पुलिस अब आस-पास की इमारतों और सोसाइटी के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. साथ ही, आरोपियों की तलाश के लिए तकनीकी जांच और अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है.
अब FIR दर्ज, जांच तेज
पहले पूजा खेडकर की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, क्योंकि उनके माता-पिता और अन्य पीड़ित नशे के असर से उबर रहे थे. अब उनकी हालत स्थिर होने के बाद FIR दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने संबंधित भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. चतु:श्रृंगी पुलिस का कहना है कि यह संगठित डकैती का मामला है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा. फिलहाल पुणे में यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और घरेलू नौकरों की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
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