'मेरे बयान को...' टीपू सुल्‍तान से शिवाजी महाराज की तुलना पर कांग्रेस नेता सपकाल की सफाई

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का कहना है कि टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना वाले बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.

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  • कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल के टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना वाले बयान पर बवाल खड़ा हो गया
  • सपकाल ने कहा कि उनका बयान मूल प्रश्न के संदर्भ में था और उसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास निंदनीय है
  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल के बयान को शर्मनाक बताया और उनकी तीखी आलोचना की है
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महाराष्‍ट्र:

टीपू सुल्‍तान से शिवाजी महाराज की तुलना वाले बयान पर विवाद बढ़ता देख महाराष्‍ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया. सपकाल ने कहा कि जो प्रश्न उनसे पूछा गया था, उसके जवाब के संदर्भ में ही उनका बयान सामने आया था. लेकिन कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने में जुटे हुए हैं, जो निंदनीय है.   

'मैं चर्चा के लिए तैयार हूं...'

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सपकाल ने सफाई देते हुए कहा, 'मुझसे जो मूल प्रश्न पूछा गया था, मेरा वक्तव्य उसी संदर्भ में है. उस वक्तव्य को तोड़-मरोड़ कर दिखाने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह निंदनीय है. मैं चर्चा के लिए तैयार हूं. जो प्रश्न पूछा गया था, मेरे उत्तर के संदर्भ में ही मेरा बयान है. जहां तक शिवाजी महाराज की बात है, तो उनका जो प्रचंड दीप्तिमान पराक्रम है, वह अद्वितीय है. उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती है.'

CM फडणवीस पर भड़के सपकाल

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर हमला करते हुए सपकाल ने कहा, 'फडणवीस कई विषयों पर नहीं बोलते. अजीत दादा के एक्सीडेंट की जांच के बारे में वे नहीं बोलते. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो 'फाइल्स' का मामला चल रहा है, उस संदर्भ में वे नहीं बोलते. इतना ही नहीं, अतिवृष्टि के बाद अब केंद्र सरकार ने टीम भेजी है, उन्हें मदद देने के बारे में वे नहीं बोलते. कर्ज माफी के बारे में देवेंद्र फडणवीस कुछ नहीं बोलते. और अभी जो अमेरिका के साथ कृषि समझौता हुआ है, उस बारे में भी वे कुछ नहीं बोलते. उन्हें तो बस हिंदू-मुसलमान करने में दिलचस्पी है और संविधान बदलने के संदर्भ में बहुजनों, ओबीसी, आदिवासियों और समस्त भारतीय भूमिपुत्रों के खिलाफ उनकी कार्रवाइयां लगातार जारी रहती हैं.'

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क्‍या है पूरा विवाद?

हर्षवर्धन सपकाल की मैसूर के 18वीं शताब्दी के शासक टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के 'समकक्ष' बताने वाली टिप्पणी को लेकर राज्य में सोमवार को सियासी विवाद खड़ा हो गया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की तीखी आलोचना करते हुए उनकी टिप्पणी को 'शर्मनाक' करार दिया. पुणे में भारतीय जनता पार्टी के एक पदाधिकारी ने इस मुद्दे पर सपकाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना) और 196 (धर्म, जाति, भाषा या नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या असामंजस्य को बढ़ावा देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है.

टीपू सुल्तान इतिहास की एक विवादास्पद हस्ती हैं. जहां एक वर्ग अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनकी वीरता की तारीफ करता है. वहीं, दूसरा वर्ग दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हिंदुओं के साथ 'दुर्व्यवहार' के लिए उनकी आलोचना करता है. इसके विपरीत, छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी सैन्य प्रतिभा के साथ-साथ परोपकार और सामाजिक कल्याण पर आधारित प्रशासनिक कौशल के लिए व्यापक रूप से सराहा जाता है.

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