सीएम देवेंद्र फडणवीस अपने ड्रीम प्रोजेक्ट समृद्धि महामार्ग का आज करेंगे उद्घाटन

मुंबई से नागपुर की यात्रा, जो पहले लगभग 16 घंटे में होती थी, अब समृद्धि महामार्ग से सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकती है. पूरे मार्ग में कुल 33 बड़े पुल, 274 छोटे पुल, 65 फ्लाईओवर, और 6 सुरंगें बनाई गई हैं. सबसे लंबी सुरंग कसारा घाट क्षेत्र में है, जिसकी लंबाई 7.8 किलोमीटर है.

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फाइल फोटो
मुंबई:

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाला समृद्धी महामार्ग यानी हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महामार्ग का सबसे कठिन और तकनीकी रूप से जटिल हिस्सा, 35 मीटर चौड़ा और छह लेन वाला दोहरी सुरंग (बोगदा) अब 5 जून को जनता के लिए खोल दिया गया है. मुंबई के प्रवेशद्वार तक पहुंचाने वाला इगतपुरी से आमणे तक का 76 किलोमीटर का अंतिम चरण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों उद्घाटित किया जाएगा. उत्तर महाराष्ट्र सहित राज्य के 24 जिलों के विकास के लिए गेमचेंजर माने जा रहे इस 701 किलोमीटर लंबी समृद्धी महामार्ग का नागपुर से इगतपुरी तक का हिस्सा पहले ही चालू था.

यह सुरंग महाराष्ट्र की सबसे लंबी और भारत की सबसे चौड़ी सड़क सुरंगों में से एक है. इसकी लंबाई 8 किमी और चौड़ाई 17.6 मीटर है. इस 13 किलोमीटर के हिस्से में 2 ब्रिज, 1 इंटरचेंज, और एक टोल प्लाजा शामिल है. यह मार्ग चालू होने के बाद नासिक जिले के उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा. इस रास्ते से नासिक से मुंबई तक का सफर सिर्फ 2 घंटे 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे वाहन चालकों का करीब 1 घंटा 15 मिनट समय बचेगा.

इसलिए हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धी महामार्ग के उद्घाटन समारोह की ओर पूरे महाराष्ट्र की नजरें टिकी हुई हैं. समृद्धि महामार्ग महाराष्ट्र की अब तक की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है. यह महामार्ग नागपुर के शिवमडका गांव से ठाणे के अमाणे गांव तक फैला हुआ है, जिसकी कुल लंबाई 701 किलोमीटर है.

इस परियोजना की शुरुआत 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की थी और अब 2025 में इसका अंतिम चरण (इगतपुरी से अमाणे तक का हिस्सा) भी जनता के लिए खोल दिया गया है. इस पूरी परियोजना को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (MSRDC) ने लगभग ₹55,000 करोड़ की लागत से पूरा किया है.

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यह महामार्ग 10 जिलों (जैसे नागपुर, वर्धा, अमरावती, बुलढाणा, जालना, औरंगाबाद, नासिक, अहमदनगर, वाशिम, और ठाणे) और 392 गांवों से होकर गुजरता है. यह एक 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसकी अधिकतम डिज़ाइन गति 150 किमी/घंटा है, लेकिन वास्तविक गति सीमा कारों के लिए 120 किमी/घंटा, भारी वाहनों के लिए - 80 किमी/घंटा रखी गई है.

मुंबई से नागपुर की यात्रा, जो पहले लगभग 16 घंटे में होती थी, अब समृद्धि महामार्ग से सिर्फ 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकती है. पूरे मार्ग में कुल 33 बड़े पुल, 274 छोटे पुल, 65 फ्लाईओवर, और 6 सुरंगें बनाई गई हैं. सबसे लंबी सुरंग कसारा घाट क्षेत्र में है, जिसकी लंबाई 7.8 किलोमीटर है.

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वन्यजीव संरक्षण के लिए विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए गए हैं ताकि जानवरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. हर 30 किमी पर एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग व्हीकल और क्रेन सेवाएं उपलब्ध हैं. मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया गया है जिसमें CCTV निगरानी, स्पीड मॉनिटरिंग, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और दुर्घटना का तुरंत पता लगाने की सुविधा शामिल है. एक्सप्रेसवे पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट, सौर ऊर्जा प्लांट, और हर 40–50 किमी पर विश्राम स्थल (रेस्ट एरिया) बनाए गए हैं, जिनमें टॉयलेट्स, पेट्रोल पंप, फूड प्लाज़ा जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

यह महामार्ग महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों जैसे शिर्डी, औरंगाबाद, अजंता-एलोरा की गुफाएं, लोनार झील तक पहुंच को आसान बनाएगा और राज्य के पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ेगा. यह महामार्ग राष्ट्रीय राजमार्गों और कॉरिडोर्स जैसे - दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जेएनपीटी पोर्ट, बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर और गोल्डन क्वाड्रीलैटरल से भी जुड़ेगा, जिससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स में जबरदस्त तेजी आएगी.

इस परियोजना के तहत भविष्य में नागपुर-गोंदिया (127 किमी), भंडारा-गोंदिया (28 किमी) और नागपुर-चंद्रपुर (194 किमी) जैसे नए एक्सप्रेसवे भी जोड़े जाएंगे. साथ ही, समृद्धि महामार्ग के किनारे 19 इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिनमें IT पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, हॉस्पिटल, कॉलेज, स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी सुविधाएं होंगी, जिससे रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे.

फिलहाल मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (MMR) के लिए पूरी कनेक्टिविटी अमाणे से वाडपे इंटरचेंज तक होगी, जो अगले 1 वर्ष में पूरे होने की उम्मीद है. इसके बाद यह महामार्ग ठाणे-मुंबई से पूरी तरह जुड़ जाएगा. समृद्धि महामार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के विकास की रीढ़ बनने जा रहा है. यह ना केवल यात्रा को तेज़ और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी रफ्तार देगा, खासकर विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे इलाकों के लिए.

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