महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां महज ₹500 के मामूली विवाद में दोस्तों ने मिलकर अपने ही एक दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी. इस अंधी हत्या (ब्लाइंड मर्डर) का पर्दाफाश किसी चश्मदीद गवाह ने नहीं, बल्कि खुद आरोपियों की एक इंस्टाग्राम रील ने किया है. पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है.
मर्डर के बाद बनाई इंस्टाग्राम रील
पुलिस के मुताबिक, कुछ दिनों पहले एमआईडीसी वाळूज इलाके के विटावा शिवार में 22 वर्षीय ओंकार चंद्रकांत सूर्यवंशी की लाश मिली थी. शुरुआत में पुलिस इसे सामान्य मौत मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या की बात सामने आई. पुलिस जब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी, तभी साइबर सेल को सोशल मीडिया पर एक बड़ा सुराग मिला. आरोपियों ने मर्डर को अंजाम देने के बाद इंस्टाग्राम पर "टपका रे टपका" गाने पर एक रील और स्टोरी पोस्ट की थी. इसी रील ने पुलिस को हत्यारों तक पहुंचा दिया.
सब्जीवाला बनकर पुलिस ने बिछाया जाल
आरोपियों की पहचान रवि देवीदास दुधमल (नांदेड़) और सैयद हाशिम (रांजणगांव) के रूप में हुई. जब पुलिस को पता चला कि आरोपी नांदेड़ में छिपे हैं, तो एमआईडीसी वाळूज पुलिस की स्पेशल टीम ने एक अनोखी रणनीति अपनाई. पुलिसकर्मियों ने सब्जी वाले का भेष बदला और तीन-चार दिनों तक आरोपियों पर पैनी नजर रखी. आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए दूसरे राज्य भी भागे, लेकिन जैसे ही वे वापस लौटे, पुलिस ने घेराबंदी करके उन्हें दबोच लिया. पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने सिर्फ ₹500 के लेनदेन के विवाद में ओंकार पर हमला किया था. जांच में यह भी साफ हुआ है कि मृतक और आरोपी दोनों का ही पुराना आपराधिक बैकग्राउंड रहा है.
संभाजीनगर से मोहसिन शेख की रिपोर्ट
यह भी पढ़ें- रूसी टूरिस्ट ने रील शेयर कर लिखा-आगरा में अकेले मत घूमना, ACP बोलीं-वीडियो भ्रामक, एक्शन लेंगे














