- बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार अपने पति अजित पवार के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए चुनावी मैदान में हैं
- अंतिम प्रचार सभा में सांसद सुप्रिया सुले ने महायुति मंच पर आकर सुनेत्रा पवार का भावुक समर्थन किया
- सुनेत्रा पवार ने अजित पवार की दुर्घटना की निष्पक्ष जांच के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से बात की
Baramati Byelection Sunetra Pawar: बारामती विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दिन महाराष्ट्र की सियासत की एक खूबसूरत झलक देखने को मिली. अपने पति अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई इस सीट से चुनाव लड़ रहीं सुनेत्रा पवार की अंतिम चुनावी सभा में सियासी दूरियों से ऊपर उठकर रिश्तों की गरिमा नजर आई. अंतिम सभा में सांसद सुप्रिया सुले अपनी भाभी सुनेत्रा पवार के समर्थन में महायुति के मंच पर पहुंचीं. भाषण के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब सुनेत्रा भावुक हो गईं...उनकी आंखे नम हुईं तो पूरा माहौल भी इमोशनल हो गया.
भावुक क्षण: अजित दादा की स्मृतियों को नमन
समापन सभा के दौरान जब मंच पर अजित पवार के जीवन और बारामती के विकास के सफर पर आधारित एक फिल्म दिखाई गई, तो सुनेत्रा पवार भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि आज इस मंच पर खड़े होकर पुरानी यादें ताजा हो रही हैं और यह मानना कठिन है कि अजित दादा के बिना यह सभा करनी पड़ रही है. उन्होंने बारामती के साथ उनके 35 वर्षों के जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि चाहे वे सत्ता में रहे हों या नहीं, वे दिन के 16-17 घंटे लोगों के काम के लिए समर्पित रहते थे.
बारामती उपचुनाव में प्रचार के आखिरी दिन सुनेत्रा पवार के समर्थन में सुप्रिया सुले भी मंच पर पहुंचीं
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विकास के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प
सुनेत्रा पवार ने कहा कि अजित पवार का सपना बारामती को विकास का मॉडल और राज्य का नंबर एक तालुका बनाने का था. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, "आज मैं केवल एक उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए चुनावी मैदान में उतरी हूं. उनकी जगह लेना संभव नहीं है, लेकिन उनके पदचिह्नों पर चलने के लिए मैंने यह 'शिवधनुष' उठाने का संकल्प लिया है." उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वह अपना रिश्ता निभाने और लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए आई हैं.
दुर्घटना की जांच और 'अजित दादा म्यूजियम' का ऐलान
सभा में सुनेत्रा पवार ने अजित पवार की दुर्घटना को लेकर जनता के बीच उठ रही शंकाओं पर भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि सच्चाई सामने लाने के लिए उन्होंने खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से चर्चा की है, जिस पर केंद्र सरकार ने निष्पक्ष और गहन जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने अजित पवार के विजन और संघर्ष को संजोने के लिए बारामती में जल्द ही 'अजीत दादा पवार म्यूजियम' शुरू करने की घोषणा की.
बारामती का विकास और मतदान की अपील
सुनेत्रा पवार ने सिंचाई योजनाओं, कैंसर अस्पताल और पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे प्रोजेक्ट्स को अपनी प्राथमिकता बताया. उन्होंने कहा कि बारामती में विकास की यह धारा निरंतर बनी रहनी चाहिए. इसे बारामती के स्वाभिमान का चुनाव बताते हुए उन्होंने अपील की कि 23 तारीख को होने वाला एक-एक वोट अजित पवार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाएगा. उन्होंने गर्मी को देखते हुए लोगों से अपना ख्याल रखने और भारी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया.
पारिवारिक सद्भावना और महाराष्ट्र की परंपरा
बारामती की इस सभा ने ये भी बताया कि दुख की घड़ी में राजनीति पीछे छूट जाती है. शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने महायुति के मंच पर पहुंचकर अपनी भाभी सुनेत्रा पवार का प्रचार किया. दरअसल, महाराष्ट्र में यह स्वस्थ परंपरा रही है कि किसी जनप्रतिनिधि के असमय निधन के बाद परिवार के सदस्य के खिलाफ उम्मीदवार अक्सर नहीं उतारा जाता. सुप्रिया सुले का मंच पर मौजूद होना इसी पारिवारिक एकजुटता और सियासी सद्भावना का प्रतीक था.
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