नागपुर आता हूं तो कुछ न कुछ लफड़ा जरूर होता है... धीरेंद्र शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर दी सफाई

Dhirendra Shashtri Controversy: धीरेंद्र शास्त्री पर छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्थ रामदास से जोड़कर उनका अपमान करने का आरोप लग रहा है. अब नागपुर में ही एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस पर सफाई दी है.

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शिवाजी महाराज पर धीरेंद्र शास्त्री की सफाई.
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  • नागपुर में संघ के कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री की छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी से विवाद तेज़ हो गया है
  • धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्होंने शिवाजी महाराज की शिक्षाओं का पालन करते हुए हिंदुत्व की शिक्षा ली है
  • उन्होंने विवादित टिप्पणी को गलत अर्थ लगाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है
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मुंबई:

महाराष्ट्र के नागपुर में संघ के कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर की शिवाजी महाराज पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. अब बार-बार इस पर सफाई दे रहे हैं. धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर में आयोजित अपने दिव्य दरबार और रामकथा कार्यक्रम के दौरान कहा कि जब भी नागपुर आता हूं, कोई न कोई विवाद या लफड़ा जरूर होता है. उन्होंने कहा कि मेरे नागपुर आने पर विवाद होना तय है. सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने हिंदुत्व की शिक्षा छत्रपति शिवाजी महाराज के बताए मार्ग पर चलकर ही ली है. अपमान का तो सवाल ही नहीं. उन्होंने कहा कि वह शिवाजी महाराज के बारे में सपने में भी कभी बुरा विचार नहीं ला सकते.

धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना आदर्श बताते हुए उपजे विवाद पर सफाई दी है. बता दें कि नागपुर में फिलहाल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का दिव्य दरबार और रामकथा का बड़ा आयोजन चल रहा है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं. उनके पिछले दौरों के दौरान दावों और कार्यक्रमों को लेकर काफी विवाद हुआ था.  छत्रपति शिवाजी महाराज पर उनकी टिप्पणी को लेकर राज्य के अलग-अलग हिस्से में उनके ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन और पुलिस में शिकायतें दर्ज हो रही हैं.

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा," हम जब भी महाराष्ट्र आए किसी न किसी विषय पर छात्रपति महाराज के बारे में बोला. संघ की तरफ से रखे गए भारत दुर्गा माता भूमि पूजन कार्यक्रम में भी हमने गुरु शिष्य महिमा पर एक कथा बताई कि गुरु के प्रति छत्रपति की कितनी ऊंची विचारधारा थी. उन्होंने सबकुछ अर्पण कर दिया. हमने अपनी भाषा में बोला. लेकिन कुछ लोगों ने उन शब्दों का अर्थ का अनर्थ बनाकर शिवाजी महाराज की अवमानना मान ली. उन्होंने कहा कि हमने अपमान किया, अवमानना की. जिनके हिंदवी स्वराज की स्थापना को पढ़कर हमने हिंदू राष्ट्र का संकल्प लिया हो भला उनका अपमान क्या हम कर सकते हैं."

धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति महाराज पर क्या कहा?

धीरेंद्र शास्त्री पर छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्थ रामदास से जोड़कर उनका अपमान करने का आरोप लग रहा है. दरअसल उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि शिवाजी महाराज ने वर्षों के युद्ध के बाद अपने “गुरु” समर्थ रामदास से संपर्क किया और अपनी जिम्मेदारियों का त्याग करके विश्राम करने की इच्छा व्यक्त की थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि समर्थ रामदास ने छत्रपति शिवाजी द्वारा उन्हें भेंट किया गया मुकुट उनके सिर पर वापस रख दिया और उन्हें शासन जारी रखने का निर्देश देते हुए याद दिलाया कि सच्ची सेवा व्यक्तिगत थकावट के बावजूद अपने दायित्वों को पूरा करने में निहित है.

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